झारखंड

राजमहल मॉडल कॉलेज को मिली बड़ी राहत, सभी विषयों की पढ़ाई परिसर में ही होगी जारी।

रांची में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय, भूगोल, संथाली और उर्दू विषय शुरू करने पर बनी सहमति।

राजमहल साहिबगंज। रांची में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राजमहल मॉडल कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था, क्लस्टरिंग प्रणाली, विषय संचालन तथा नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत बहुविषयक शिक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विद्यार्थियों के हित, क्षेत्रीय आवश्यकताओं तथा सुदूरवर्ती क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक के उपरांत राजमहल मॉडल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, राहुल पुरवार तथा विधायक  के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैठक अत्यंत सकारात्मक, सार्थक एवं छात्रहित में रही।

प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने जानकारी दी कि बैठक में यह महत्वपूर्ण आश्वासन प्राप्त हुआ कि राजमहल मॉडल कॉलेज में सभी विषयों की पढ़ाई पूर्ववत महाविद्यालय परिसर में ही संचालित होती रहेगी। इसके साथ ही भूगोल, संथाली एवं उर्दू जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई महाविद्यालय में प्रारंभ एवं सुनिश्चित किए जाने के निर्णय का भी स्वागत किया गया।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से सुदूरवर्ती, जनजातीय एवं शैक्षणिक रूप से वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इससे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण एवं बहुविषयक उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन को भी नई मजबूती मिलेगी।

प्राचार्य ने कहा कि सरकार एवं जनप्रतिनिधियों के संवेदनशील नेतृत्व, दूरदर्शी सोच तथा छात्रहितैषी दृष्टिकोण से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों में नई आशा और विश्वास का संचार हुआ है। यह पहल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार, सामाजिक समावेशन तथा शैक्षणिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता। विद्यार्थियों को शोध, नवाचार तथा सामाजिक एवं व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान हेतु भी शिक्षित करना आवश्यक है। नई शिक्षा नीति इसी सोच को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।

अंत में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रधान सचिव एवं विधायक के प्रति पुनः विशेष धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तथा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी महाविद्यालय को सरकार एवं जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन एवं सहयोग निरंतर प्राप्त होता रहेगा।

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