पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा: उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश, जल जीवन मिशन में तेजी लाने पर जोर।
गर्मी को देखते हुए नलकूप मरम्मत, हेल्पलाइन जारी करने और विद्यालय शौचालय निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश।

पाकुड़। समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, पाकुड़ की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा सभी योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
उपायुक्त ने जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल से जल’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि शहरी जलापूर्ति योजना को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने पेयजल संकट से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जहां-जहां चापानल खराब होने की शिकायत मिलती है, वहां तत्काल टीम भेजकर उसे दुरुस्त किया जाए।

उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि चापानल मरम्मत से संबंधित शिकायतों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए, जिससे आमजन अपनी समस्या आसानी से दर्ज करा सकें और उसका त्वरित समाधान हो सके।
बैठक में उपायुक्त ने विद्यालयों में निर्माणाधीन शौचालयों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने को कहा, ताकि जिले में पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके।




