राजमहल में सोहराई लोक कला कार्यशाला संपन्न, 42 बच्चों को मिला सम्मान।
एकता कला केंद्र की पहल से तीन दिवसीय कार्यशाला, एसडीओ सदानंद महतो ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह।

राजमहल साहिबगंज। एकता कला केंद्र, राजमहल के तत्वावधान में 15 से 17 अप्रैल 2026 तक तीन दिवसीय सोहराई लोक कला कार्यशाला का आयोजन स्थानीय पीएम श्री मध्य विद्यालय, नयाबाजार राजमहल में सफलतापूर्वक किया गया। इस कार्यशाला में कुल 42 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यशाला के अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो उपस्थित हुए। उन्होंने सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपने संबोधन में एसडीओ सदानंद महतो ने कहा कि कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए ऐसे मंच अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कला के माध्यम से वे अपनी छिपी हुई प्रतिभा को निखार सकते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राजमहल जैसे शहर में इस प्रकार के आयोजन से बच्चों को जिला एवं राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है।

उन्होंने सोहराई कला की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कला हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत देश प्राचीन काल से ही अपनी समृद्ध कला और संस्कृति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध रहा है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य दिलीप पासवान ने भी इस आयोजन में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया। वहीं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी गगन बापू ने एकता कला केंद्र की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान एकता कला केंद्र की शिक्षिका एकता राय ने मुख्य अतिथि को अपने हाथों से बनाई गई सुंदर पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया। मंच संचालन कन्या मध्य विद्यालय नीलाकोठी की प्राचार्या अमिता चक्रबर्ती द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

इस अवसर पर निमाई चंद्र दास, गुरु प्रसाद महतो, जयंती राय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला न केवल बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा को निखारने का मंच साबित हुई, बल्कि स्थानीय स्तर पर पारंपरिक सोहराई कला को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी रही।




