मंडरो में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
बालिकाओं को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, सुरक्षा, कानून और आत्मनिर्भरता की दी गई जानकारी; ‘एक पौधा बेटी के नाम’ का भी हुआ आयोजन।

मंडरो साहिबगंज। बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से मंडरो में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन मंडरो स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय कन्या में किया गया। इसमें बालिकाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संरक्षण पदाधिकारी चंदा कुमारी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित सही और वैज्ञानिक जानकारी मिलनी चाहिए। सुरक्षित वातावरण, बेहतर शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और मजबूत संरक्षण बच्चों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने समाज के प्रत्येक नागरिक से बच्चों के हितों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में साहस के साथ खड़े होने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, आत्मनिर्भर बनने तथा आत्मरक्षा के कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया गया। बालिकाओं के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पौधा बेटी के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को सुरक्षा एवं कानून से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। छात्राओं को गुड टच और बैड टच की समझ, बाल विवाह एवं बाल श्रम का विरोध, यौन शोषण से बचाव, पॉक्सो अधिनियम तथा किशोर न्याय अधिनियम के संबंध में विस्तार से बताया गया। उन्हें यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार की असुरक्षित या अनुचित स्थिति का सामना होने पर भरोसेमंद वयस्कों और संबंधित सहायता तंत्र को तुरंत सूचना देना जरूरी है।
कार्यक्रम में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर तथा दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अलावा सखी वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में समय पर संबंधित विभागों तक सूचना पहुंचाई जा सके और जरूरतमंद बच्चों को आवश्यक सहायता मिल सके।

बालिकाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management) पर भी विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। छात्राओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, झिझक छोड़कर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर बात करने तथा आवश्यक सावधानियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान छात्राओं के बीच सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य के निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया गया।
इस जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक मो. इकबाल, केस वर्कर सुमन कुमार तथा मंथन संस्था की जूली टुडू का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मौके पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों की जानकारी ही उनके सशक्त एवं आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव है।



