मुहर्रम-2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक संपन्न।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात होगा; जुलूस मार्गों की निगरानी ड्रोन एवं सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।

साहिबगंज। आगामी मुहर्रम पर्व-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने की। बैठक में जिले के वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों, शांति समिति के सदस्यों तथा विभिन्न प्रखंडों के अधिकारियों ने प्रत्यक्ष एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि मुहर्रम पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा, निगरानी एवं जनसुविधाओं से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं मजबूत रखी जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा विधि-व्यवस्था संबंधी चुनौती से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारियां कर ली गई हैं।
उपायुक्त ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित कर जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही मुहर्रम जुलूस एवं ताजिया यात्रा के निर्धारित मार्ग, समय और आवश्यक अनुमतियों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में मुहर्रम जुलूस मार्गों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभागों को सभी मार्गों का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार के अवरोध, निर्माण सामग्री अथवा विद्युत संबंधी खतरे को तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए।

उपायुक्त ने बताया कि जिले के संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। जुलूस मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
बैठक में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा अफवाह फैलाने वाली सामग्री पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और शांति एवं सद्भाव बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि मुहर्रम के दौरान आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ रखी जाए। आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थलों पर एंबुलेंस एवं चिकित्सा दल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में ध्वनि विस्तारक यंत्रों एवं डीजे के उपयोग संबंधी दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश एवं जेबीवीएनएल के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुहर्रम जुलूस में शामिल ताजिया एवं झंडों की अधिकतम ऊंचाई जमीन से 13 फीट तक ही सीमित रहेगी। इसके अलावा जुलूस में शामिल वाहनों की छत पर किसी भी व्यक्ति के बैठने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

मुहर्रम पर्व के दौरान प्रभावी निगरानी एवं त्वरित सूचना संप्रेषण के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे जिले की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में समाज के सभी वर्गों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जिला, अनुमंडल एवं थाना स्तर पर गठित शांति समितियों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। बैठक में उपस्थित शांति समिति के सदस्यों एवं गणमान्य लोगों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा मुहर्रम पर्व को भाईचारे एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता विजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आइन्द, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी साहिबगंज, राजमहल एवं बड़हरवा, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, सभी थाना प्रभारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



