जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने की योजनाओं की समीक्षा बैठक।
लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश।

पाकुड़। जिला समाज कल्याण कार्यालय, पाकुड़ में गुरुवार को जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा की अध्यक्षता में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन तथा लंबित मामलों की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। पेयजल, शौचालय एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया, ताकि बच्चों एवं लाभुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मनरेगा अभिसरण योजना अंतर्गत जिन आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है, उनकी भी समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द शुरू कर समयबद्ध तरीके से पूरा कराने का निर्देश दिया।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पड़े सेविका एवं सहायिका पदों पर चयन प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने एवं चयन प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि केंद्रों का संचालन सुचारु रूप से हो सके।
समीक्षा के दौरान पोषण ट्रैकर ऐप में लाभुकों की शत-प्रतिशत एफआरएस एंट्री सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित कर्मियों को नियमित रूप से डेटा अपडेट करने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में प्रतिमाह कम-से-कम दो सीबीई कार्यक्रम आयोजित करने तथा उसकी एंट्री पोषण ट्रैकर ऐप में अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में आपार आईडी निर्माण की समीक्षा के दौरान प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आधार निर्माण कार्य के साथ-साथ आपार आईडी का शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।

इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की भी समीक्षा की गई। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को कम-से-कम पांच लाभुकों की एंट्री सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया। साथ ही शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने एवं लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कर पेंडेंसी रिपोर्ट शून्य करने का निर्देश दिया गया।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी कर्मियों को जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं सक्रियता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
बैठक में विभाग के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित रहीं।




