उर्वरक कालाबाजारी पर सख्ती, किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने का निर्देश।
उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने कृषि विभाग की योजनाओं एवं खरीफ मौसम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

साहिबगंज। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, खरीफ मौसम की तैयारियों, उर्वरक उपलब्धता, बीज वितरण तथा कृषि ऋण से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी सहित विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में उर्वरकों की खपत, जमाखोरी, डायवर्जन एवं कालाबाजारी की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिला स्तर पर गठित संयुक्त प्रवर्तन टीम द्वारा बड़हरवा प्रखंड में दो, बरहेट प्रखंड में 13 तथा राजमहल प्रखंड में दो उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर पांच उर्वरक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उपायुक्त ने जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का नियमित एवं सघन निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में बीज विनिमय एवं वितरण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि खरीफ मौसम 2026-27 के लिए धान बीज प्रभेद एमटीयू-7029 का 2500 क्विंटल तथा एमटीयू-1010 का 100 क्विंटल प्रमाणित बीज आवंटित किया गया है। इसके अलावा संकर धान बीज प्रभेद एराइज-6444 गोल्ड का 100 क्विंटल एवं सावा-7301 का 100 क्विंटल बीज भी प्राप्त हुआ है।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के बीच समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से बीज वितरण सुनिश्चित किया जाए ताकि खेती का कार्य प्रभावित न हो।
मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित नेशनल मिशन ऑन सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी तथा नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को कुल 1270 मिट्टी नमूना संग्रहण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें 1020 नमूने सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी मिशन तथा 250 नमूने नेचुरल फार्मिंग मिशन के अंतर्गत संग्रहित किए जाएंगे।प्रखंडवार लक्ष्य निर्धारित कर मिट्टी नमूना संग्रहण कार्य प्रारंभ करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अभी लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 1009 आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे गए, जिनमें से 984 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान करते हुए 697.92 लाख रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया है।उपायुक्त ने पात्र किसानों को अधिकाधिक संख्या में योजना से जोड़ने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में किसान समृद्धि योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के लंबित लक्ष्यों तथा वर्ष 2025-26 के 70 लक्ष्यों को जोड़कर जिले का कुल लक्ष्य 407 निर्धारित किया गया है।

इसके विरुद्ध अब तक 905 आवेदन प्राप्त किए गए हैं, जिनमें 774 आवेदनों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है। लक्ष्य 407 के विरुद्ध 368 किसानों को कार्यादेश जारी किया जा चुका है। शेष 39 इकाइयों के लिए किसानों से अंशदान प्राप्त कर कार्यादेश निर्गत किए जाएंगे।
डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि खरीफ मौसम 2026-27 के लिए जिले को अभी तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लक्ष्य प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ करने के लिए सभी प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण रखी जाएं।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने कृषि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का, जिला उद्यान पदाधिकारी अमितेश कुमार, आत्मा पदाधिकारी, एटीएम, बीटीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।


