“खेत बचाओ अभियान” के तहत लॉन्च हुआ ‘कृषिका ऐप’, अब किसानों को मात्र 15 मिनट में मिलेगा आसान कृषि ऋण।
साहूकारों के चंगुल से मुक्ति और आधुनिक खेती की दिशा में बड़ा कदम।

तालझारी साहिबगंज। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से “खेत बचाओ अभियान” के तहत ‘कृषिका ऐप’ लॉन्च किया गया। इस डिजिटल पहल के माध्यम से किसान अब बिना जटिल कागजी प्रक्रिया के मात्र 15 मिनट में कृषि ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे और स्वीकृति के बाद ऋण राशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
इस अवसर पर आयोजित बैठक में किसानों को ऐप की विशेषताओं, ऋण प्रक्रिया और इसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह ऐप किसानों को साहूकारों और ऊंची ब्याज दरों वाले अनौपचारिक ऋण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
‘कृषिका ऐप’ के माध्यम से मिलने वाले कृषि ऋण की ब्याज दरें पारदर्शी और अपेक्षाकृत कम रखी गई हैं। इसमें किसी प्रकार का छुपा हुआ शुल्क (हिडन चार्ज) नहीं लिया जाएगा। इससे किसानों को सस्ती दर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी और वे समय पर खेती से संबंधित आवश्यक कार्य कर सकेंगे।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऋण पुनर्भुगतान की अवधि को फसल चक्र के अनुरूप निर्धारित किया गया है। किसान फसल की कटाई और बिक्री के बाद आसानी से ऋण चुका सकेंगे, जिससे उन पर अनावश्यक आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा।
ऐप के माध्यम से स्वीकृत ऋण राशि सीधे किसान के सत्यापित बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजी जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।

‘कृषिका ऐप’ हिंदी सहित देश की प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। अधिकारियों ने बताया कि कम पढ़े-लिखे किसान भी इसे आसानी से संचालित कर सकेंगे। सरल इंटरफेस और स्थानीय भाषा के विकल्प इसे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अधिक उपयोगी बनाते हैं।
यह ऐप किसानों को केवल ऋण सुविधा ही नहीं देगा, बल्कि मौसम का पूर्वानुमान, फसलों के ताजा मंडी भाव, कृषि विशेषज्ञों की निःशुल्क सलाह तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। इससे किसान बेहतर निर्णय लेकर अपनी उत्पादन लागत कम कर सकेंगे और आय में वृद्धि कर सकेंगे।
किसान अपने एंड्रॉयड अथवा आईओएस स्मार्टफोन के प्ले स्टोर से ‘कृषिका ऐप’ डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप में मौजूद ‘किसान लोन’ सेक्शन पर जाकर आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा खसरा-खतौनी संबंधी आवश्यक जानकारी दर्ज कर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
आज आयोजित बैठक में ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, तीनपहाड़ सहित विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा एटीएम-बीटीएम, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ), पौधा संरक्षण केंद्र प्रभारी, महिला एवं पुरुष किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक में किसानों को डिजिटल ऋण प्रणाली से जोड़ने और अधिक से अधिक किसानों तक इस सुविधा को पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि ‘कृषिका ऐप’ किसानों को आर्थिक मजबूती देने के साथ-साथ तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा। यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति का नया अध्याय साबित होगी और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




