दंतोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले में युवाओं को मिला सुनहरा अवसर, 153 अभ्यर्थियों का हुआ चयन।
साहिबगंज में आयोजित एक दिवसीय रोजगार मेले में 15 प्रतिष्ठित कंपनियों की भागीदारी, 1957 रिक्तियों के लिए हुई चयन प्रक्रिया, 313 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट।

साहिबगंज।झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, रांची के तत्वावधान में जिला नियोजनालय सह मॉडल करियर सेंटर, साहिबगंज द्वारा गुरुवार को सिद्धो-कान्हू सभागार, साहिबगंज में एक दिवसीय दंतोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया। रोजगार मेले में जिले एवं राज्य के विभिन्न प्रतिष्ठित नियोजक संस्थानों की सहभागिता रही, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिला।
रोजगार मेले में कुल 15 नियोजक संस्थानों ने भाग लिया और विभिन्न तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित की गई। मेले में 1957 रिक्तियों के विरुद्ध चयन प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसमें 153 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जबकि 313 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया।

इसके अतिरिक्त उद्योग विभाग, जेएसएलपीएस एवं आरसेटी (RSETI) द्वारा 87 युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी गई। युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं से कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाकर अपने भविष्य को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
जिला नियोजन पदाधिकारी सह जिला कौशल पदाधिकारी मनोज मनजीत ने उपस्थित अभ्यर्थियों एवं नियोजकों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे रोजगार मेले युवाओं और उद्योग जगत के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ते हैं तथा युवाओं को बेहतर करियर विकल्प उपलब्ध होते हैं।

रोजगार मेले के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, नियोजन विभाग, विभिन्न नियोजक संस्थानों, प्रशिक्षण संस्थानों एवं सहयोगी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक मेले में भाग लिया और अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
यह रोजगार मेला न केवल युवाओं के लिए रोजगार प्राप्ति का मंच बना, बल्कि उन्हें कौशल विकास, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने का भी सफल माध्यम साबित हुआ।



