राजमहल मॉडल कॉलेज में प्रतिभा सम्मान सह करियर परामर्श संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन।
UPSC-2026 की सफल अभ्यर्थी निहारिका सिन्हा ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र, रक्तदाताओं का हुआ सम्मान एवं पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प।

राजमहल, साहिबगंज।राजमहल मॉडल कॉलेज में गुरुवार को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, व्यक्तित्व निर्माण एवं करियर मार्गदर्शन के उद्देश्य से भव्य प्रतिभा सम्मान सह करियर परामर्श संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर UPSC-2026 की सफल अभ्यर्थी निहारिका सिन्हा का कॉलेज परिवार की ओर से गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा वीर शहीद सिदो-कान्हू की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न, काशी विश्वनाथ धाम की स्मृति भेंट तथा पौधा प्रदान कर सम्मानित किया। स्वागत भाषण में उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में ऐसे कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

मुख्य वक्ता निहारिका सिन्हा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि अनुशासन, धैर्य, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन और सतत प्रयास भी उतने ही आवश्यक हैं।
उन्होंने अपनी तैयारी की यात्रा, संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि असफलताएं सफलता की राह में बाधा नहीं, बल्कि सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर होती हैं।
निहारिका सिन्हा ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा के अवसरों, करियर विकल्पों तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग, प्रभावी अध्ययन रणनीति और मानसिक दृढ़ता बनाए रखने के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवाद सत्र में छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, समय प्रबंधन, विषय चयन और करियर निर्माण से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। छात्रा तनु सहित कई विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का निहारिका सिन्हा ने सरल, व्यावहारिक और प्रेरक उत्तर देकर समाधान किया। विद्यार्थियों ने उनके मार्गदर्शन को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी गलतियों से सीखें, लेकिन एक ही गलती को बार-बार न दोहराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप करियर का चयन करना चाहिए। मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने का सामूहिक संकल्प लिया। प्राचार्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और युवा पीढ़ी को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही युवाओं से अपील की गई कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति 90 दिनों के अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा के इस महान कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।

कार्यक्रम में डॉ. सुब्रत सिंह, निरंजन सिन्हा, ओमप्रकाश सिंह, राजेन्द्र पहाड़िया, डॉ. रमजान अली, डॉ. अमित कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आयोजन महाविद्यालय परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे करियर मार्गदर्शन एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।




