उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने हिरणपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय का किया निरीक्षण।
कार्यालयीन व्यवस्था, जनसेवा और विकास योजनाओं की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश।

पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने गुरुवार को हिरणपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर विभिन्न प्रशासनिक कार्यों, जनसेवा व्यवस्थाओं एवं विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, योजनाओं की प्रगति तथा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कम्प्यूटर कक्ष, लिपिक कक्ष सहित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में संचालित योजनाओं, राजस्व कार्यों, पेंशन योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
उपायुक्त ने कार्यालय की स्वच्छता, कर्मियों की उपस्थिति, समयबद्ध सेवा उपलब्धता एवं आमजनों की समस्याओं के निष्पादन की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों एवं कर्मियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने तथा जनहित के मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने मनरेगा अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि पुराने डोभा एवं तालाब योजनाओं को बरसात से पहले हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि जल संरक्षण का उद्देश्य सफल हो सके।

मनरेगा अंतर्गत अपूर्ण 71 डोभा एवं तालाब योजनाओं को पूर्ण करने के लिए संबंधित बीपीओ को एक माह का समय दिया गया। साथ ही वॉटर बॉडी रेनोवेशन, तालाब सफाई, मिट्टी कटाई एवं तालाब गहरीकरण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने विद्यालयों, पंचायत भवनों एवं अन्य सरकारी परिसरों में मनरेगा के माध्यम से लिनियर प्लांटेशन कराने पर भी जोर दिया।
उपायुक्त ने पीएम जनमन योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाकर समय पर पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
इसके अलावा जर्जर एवं क्षतिग्रस्त आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कराने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी केंद्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना अंतर्गत पंपसेट की मांग करने वाले किसानों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।
इस दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से संबंधित विशेष शिविर 20 अप्रैल से 20 मई तक आयोजित किया जा रहा है।
अंचल कार्यालय की समीक्षा के दौरान अंचलाधिकारी ने बताया कि भू-अर्जन से संबंधित तीन परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। लिट्टीपाड़ा से पाकुड़ परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं आरसीडी विभाग की दो योजनाओं के लिए वंशावली तैयार कर भेज दी गई है।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल कम्प्यूटर ऑपरेटर अथवा किसी भी कर्मी की जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारी की होगी। कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

जेएसएलपीएस की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने मशरूम खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सप्ताह के भीतर मॉडल एस्टीमेट तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को मशरूम उत्पादन इकाई के लिए खाली भवनों की पहचान करने तथा आवश्यक कक्षों की संख्या एवं आकार का आकलन कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा।
उपायुक्त ने सभी विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सीआई, बीपीएम, एई, जेई सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।


