पाकुड़ में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल।
झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने किया गुतू गलांग कल्याण ट्रस्ट का दौरा, पहाड़िया दीदियों के कार्यों की जमकर सराहना।

पाकुड़। झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने अपनी स्थल अध्ययन यात्रा के क्रम में शुक्रवार को पाकुड़ जिले का दौरा किया। इस दौरान समिति ने जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, विशेष रूप से ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार से जुड़े कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। समिति के सदस्यों ने पहाड़िया समुदाय की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायी मॉडल बताया।
समिति के सभापति सह लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू की अध्यक्षता में यह दौरा सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समिति के सदस्य सह बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो, घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन तथा टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो भी मौजूद रहे।
समिति ने लिट्टीपाड़ा प्रखंड में ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा संचालित योजनाओं का अवलोकन किया। इसी क्रम में सदस्यों ने गुतू गलांग कल्याण ट्रस्ट का दौरा किया, जहाँ पहाड़िया समुदाय की महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका एवं आत्मनिर्भरता मॉडल ने सभी जनप्रतिनिधियों को प्रभावित किया।

समिति ने ट्रस्ट द्वारा संचालित बोरा सिलाई इकाई, कृषि उत्पाद प्रसंस्करण केंद्र तथा महिलाओं के स्वरोजगार गतिविधियों का निरीक्षण किया। पहाड़िया दीदियों द्वारा तैयार किए जा रहे बोरे झारखंड के सभी 24 जिलों में भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा बरबटी, अरहर एवं कुलथी जैसे स्थानीय कृषि उत्पादों से दाल निर्माण एवं विपणन का कार्य भी सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थायी रोजगार मिलने के साथ-साथ आर्थिक मजबूती भी प्राप्त हो रही है।
समिति के सभापति सह लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि “गुतू गलांग ने पूरे झारखंड में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह संस्था महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक परिवर्तन का प्रेरणादायी उदाहरण है।”
टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि “यह मॉडल महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। समाज को इससे सीख लेने की आवश्यकता है। भविष्य में यह पूरे राज्य के लिए मार्गदर्शक बनेगा।”
बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो ने कहा कि “ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह अत्यंत सराहनीय पहल है। इससे अन्य जिलों की महिलाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।”
घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा कि “महिलाओं को संगठित कर आत्मनिर्भर बनाने का यह प्रयास अनुकरणीय है। जेएसएलपीएस के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, जो राज्य के विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।

समिति के सदस्यों ने एकमत से कहा कि ग्रामीण विकास विभाग एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सहयोग से पाकुड़ जिले में संचालित यह मॉडल महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सामाजिक बदलाव की नई मिसाल बनकर उभरा है। पहाड़िया दीदियों की मेहनत, आत्मविश्वास और सामूहिक प्रयास आज पूरे राज्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं।


