साहिबगंज जिला परिषद की अहम बैठक संपन्न, विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर।
संवेदकों के नए रजिस्ट्रेशन को मंजूरी, हाट-बाजार लेसी को 6 माह की राहत, शिक्षकों के स्थानांतरण व प्रतिनियुक्ति पर सख्त निर्णय।

साहिबगंज। जिला परिषद अध्यक्ष मोनिका किस्कू की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार, साहिबगंज में बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें पारित किया गया।
बैठक के दौरान जिला परिषद की श्रेणी II, III एवं IV के तहत नए संवेदकों के रजिस्ट्रेशन को मंजूरी दी गई। साथ ही चांदपुर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र के संवेदक एस.के.एफ. डेवलपर्स द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद इकरारनामा नहीं कराने पर उनकी निविदा रद्द करते हुए पुनः निविदा जारी करने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रत्येक पंचायत में पांच हैंडपंप लगाने हेतु संबंधित क्षेत्र के जिला परिषद सदस्यों से अनुशंसा लेने का निर्णय भी लिया गया।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छह माह से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत सहायक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने तथा तीन वर्षों से एक ही विद्यालय में पदस्थापित सहायक अध्यापकों के स्थानांतरण का भी प्रस्ताव पारित किया गया।

हाट-बाजार की पिछली नीलामी से जुड़े मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई। कई लेसी द्वारा प्रक्रिया को समझने में हुई देरी और वसूली नहीं होने के कारण हुए आर्थिक नुकसान को देखते हुए, बोर्ड ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इकरारनामा की शत-प्रतिशत राशि जमा करने वाले लेसी को छह माह का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सतीश चंद्रा, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव, जिप सदस्य अब्दुल बारीक शेख, सहनारा बीवी, प्रताप राय, रानी हांसदा, जुबेदा सुल्ताना, मदन हांसदा, सुष्मिता देवी, सबीना किस्कू, रंजो कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी अनिल कुमार, आईटीडीए परियोजना निदेशक संजय कुमार दास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला अभियंता, पीएचईडी, कृषि, शिक्षा, उद्यान एवं भूमि संरक्षण विभाग के पदाधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिला परिषद की इस बैठक में लिए गए निर्णयों से जहां विकास कार्यों को गति मिलेगी, वहीं प्रशासनिक व्यवस्था को भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है।



