आत्मा शासकीय निकाय की बैठक में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने पर जोर।
प्रशिक्षण, अध्ययन भ्रमण एवं प्रत्यक्षण कार्यक्रमों की हुई समीक्षा, 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा।

साहिबगंज। समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में आत्मा (ATMA) शासकीय निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिले के किसानों को आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने, प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में आत्मा के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण, अंतर्राज्यीय, राज्यस्तरीय एवं जिलास्तरीय कृषक परिभ्रमण तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में किए गए प्रत्यक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना एवं प्रस्तावित गतिविधियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने निर्देश दिया कि अंतर्राज्यीय प्रशिक्षण एवं कृषक परिभ्रमण के लिए ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों एवं राज्यों का चयन किया जाए, जहां की उन्नत कृषि तकनीकों और नवाचारों की जानकारी जिले के किसानों को अब तक नहीं मिली है। उन्होंने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का समुचित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण संस्थानों में प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण के लिए भेजने का निर्देश दिया, ताकि वे नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर उसे अपने क्षेत्र में अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।

बैठक में अंतर्राज्यीय कृषक प्रशिक्षण गतिविधियों के तहत 25 किसानों के दल को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। किसानों को आईआईवीआर, वाराणसी में सब्जी उत्पादन, पूसा, समस्तीपुर में मधुमक्खी पालन तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मशरूम रिसर्च, सोलन, हिमाचल प्रदेश में मशरूम उत्पादन से संबंधित प्रशिक्षण दिलाने का प्रस्ताव रखा गया।
राजकीय प्रशिक्षण के लिए पलांडू, रांची, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची तथा दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, रांची में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।बैठक में बताया गया कि जिले को प्रत्यक्षण कार्यक्रम के तहत कुल 45 इकाइयों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड में मड़ुआ, सब्जी, दलहन फसलों में चना, राजमा एवं मटर की खेती का 05-05 इकाइयों के माध्यम से प्रत्यक्षण कराने का प्रस्ताव है।
अंतर्राज्यीय कृषक परिभ्रमण के लिए आईआईएचआर, बेंगलुरु एवं आईआईपीआर, कानपुर अथवा प्रजापिता ईश्वरीय ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय, माउंट आबू, राजस्थान का चयन करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसका उद्देश्य जिले के किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों, तकनीकों एवं नवाचारों से परिचित कराना है।
राजकीय परिभ्रमण के लिए साईं इंटीग्रेटेड एग्रोफार्म, दर्दमारा, देवघर, कृषक पाठशाला, करों तथा एग्रोटेक किसान मेला, रांची का प्रस्ताव रखा गया।जिलास्तरीय परिभ्रमण के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, साहिबगंज, मछली उत्पादन में केज कल्चर के लिए तालझारी एवं मंडरो प्रखंड तथा जिले में संचालित कृषक पाठशाला—साहिबगंज, राजमहल एवं बरहरवा का चयन करने पर चर्चा हुई।

इसके अलावा एनएफएसएनएम एवं बिरसा फसल विस्तार योजना के तहत वितरित बीजों के संकुल परिभ्रमण तथा जिले में संचालित विभिन्न मशरूम उत्पादन केंद्रों के भ्रमण के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
बैठक में खाद्य सुरक्षा समूह, सीड मनी तथा सीआईजी/एफआईजी मोबिलाइजेशन कार्यक्रम के तहत जेएसएलपीएस के महिला समूहों के माध्यम से वर्षभर विभिन्न कृषि संबंधी गतिविधियों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने पर चर्चा की गई।
वहीं कृषक पाठशाला के अंतर्गत जिले में मड़ुआ, राजमा, चना एवं मटर की खेती, सब्जी उत्पादन तथा मशरूम उत्पादन से संबंधित प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक कार्यक्रम संचालित करने का निर्णय लिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों एवं नवाचारों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण के माध्यम से किसानों को प्राप्त होने वाले ज्ञान और अनुभव का लाभ जिले के अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं तथा कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं आधुनिक बनाया जा सकता है।

बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए; जिला कृषि पदाधिकारी, साहिबगंज; वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, साहिबगंज; अग्रणी बैंक प्रबंधक, साहिबगंज; डीडीएम, नाबार्ड, साहिबगंज; भूमि संरक्षण पदाधिकारी, साहिबगंज; जिला सहकारिता पदाधिकारी, साहिबगंज; महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, साहिबगंज; जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जेएसएलपीएस; उप परियोजना निदेशक, आत्मा सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।




