उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, लिट्टीपाड़ा का किया निरीक्षण।
व्यायामशाला, कक्षाओं व लैब की स्थिति का लिया जायजा — छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु बेहतर शिक्षा व सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश।

लिट्टीपाड़ा पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने गुरुवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, लिट्टीपाड़ा का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध शैक्षणिक एवं मूलभूत सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने छात्राओं के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत विद्यालय की व्यायामशाला से की गई। वार्डेन ने उपायुक्त को अवगत कराया कि व्यायामशाला में उपलब्ध सभी मशीनें खराब हो चुकी हैं, जिसके कारण छात्राओं को नियमित व्यायाम की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए सभी मशीनों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए नियमित व्यायाम अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “प्रतिदिन व्यायाम से तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं, इसलिए बच्चियों को नियमित रूप से व्यायाम कराया जाना चाहिए।

इसके बाद उपायुक्त ने कक्षाओं का निरीक्षण किया। उस समय छात्राओं को अंग्रेजी विषय की पढ़ाई कराई जा रही थी। उन्होंने कक्षा में छात्राओं से अंग्रेजी विषय से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका छात्राओं ने आत्मविश्वास के साथ सही उत्तर दिया। इससे संतुष्ट होकर उपायुक्त ने उनकी सराहना की और उन्हें आगे भी लगन एवं एकाग्रता के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है, इसलिए छात्राओं को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
उपायुक्त ने विद्यालय के शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों को समर्पण भाव से कार्य करना होगा।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वार्डेन एवं शिक्षिकाओं से विद्यालय की समस्याओं की जानकारी भी ली। इस क्रम में शिक्षिकाओं ने विषयवार शिक्षकों की कमी सहित अन्य आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया। उपायुक्त ने इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
अंत में उपायुक्त ने विद्यालय की प्रयोगशाला (लैब) का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध संसाधनों एवं उनकी शैक्षणिक उपयोगिता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित की जाएं।

उपायुक्त के इस निरीक्षण से विद्यालय प्रशासन में सक्रियता बढ़ी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही विद्यालय की व्यवस्थाओं में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।



