नीलकाठी के चैती दुर्गा मंदिर में विहिप का स्थापना दिवस समारोह, सामाजिक समरसता और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प।
जिला मंत्री गोपाल चंद्र साहा के नेतृत्व में आयोजित समारोह में बजरंग दल, मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी के कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा।

राजमहल साहिबगंज। राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र के नीलकोठी स्थित वार्ड नंबर-2 के चैती दुर्गा मंदिर प्रांगण में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का स्थापना दिवस समारोह उत्साह, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता के वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री गोपाल चंद्र साहा ने किया। समारोह में विहिप से जुड़े बजरंग दल, मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना, उसके उद्देश्यों तथा समाज के प्रति संगठन की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि संगठन का प्रमुख उद्देश्य समाज में आपसी समरसता, सेवा, संस्कार, सहयोग और सामाजिक एकजुटता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों की सहायता, सामाजिक सेवा और लोगों के बीच भाईचारे की भावना को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाना चाहिए।समारोह में उपस्थित कार्यकर्ताओं को सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहने तथा संगठन के सेवा और संस्कार आधारित कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए आपसी सद्भाव, सहयोग और समन्वय का वातावरण बनाना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान संगठन की विभिन्न गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर भी चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा जरूरतमंदों तक सेवा कार्य पहुंचाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।समारोह में बताया गया कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर 29 अगस्त 1964 को संतों एवं विचारकों के मार्गदर्शन में हुई थी। स्थापना दिवस के माध्यम से संगठन के उद्देश्य, कार्यों और सामाजिक सरोकारों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि स्थापना दिवस केवल संगठन के गठन की स्मृति का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा, संस्कार, समरसता और समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्प लेने का भी अवसर है।समारोह में बजरंग दल, मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। सभी ने संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में जिला समरसता प्रमुख आशुतोष चंद्र साहा, कोषा अध्यक्ष धुव गुप्ता, संजय प्रसाद साहा, अनुज कुमार साहा, संजय साहा, राजू साहा, राजेश कुमार पांडेय, मीणा घोष एवं नीरज कुमार घोष विश्वजीत दास श्रीकांत दास सहित बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समन्वय, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने सामाजिक एवं सेवा कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

समारोह का समापन संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप समाजहित में निरंतर कार्य करने और सेवा, संस्कार एवं सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।



