स्पॉन्सरशिप योजना से 42 बच्चों को मिलेगा बेहतर भविष्य का सहारा।
उपायुक्त दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में हुई बैठक, 20 बालक एवं 22 बालिकाओं को योजना का लाभ देने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी।

साहिबगंज। समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में स्पॉन्सरशिप योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल कल्याण समिति की ओर से चयनित नए लाभुक बच्चों के प्रस्ताव पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बच्चों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 42 पात्र बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया। स्वीकृत लाभुकों में 20 बालक एवं 22 बालिकाएं शामिल हैं।
योजना के तहत चयनित पात्र बच्चों को उनके भरण-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं समुचित देखभाल के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक पात्र बच्चे को ₹4,000 प्रतिमाह की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। नियमित आर्थिक सहयोग का उद्देश्य बच्चों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उनकी शिक्षा को निरंतर जारी रखना और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
बैठक में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत चयनित सभी पात्र बच्चों को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजना का प्रभावी, पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।उपायुक्त ने लाभुक बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता राशि के समुचित उपयोग की नियमित निगरानी करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सहायता राशि का उपयोग मुख्य रूप से बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आवश्यक देखभाल के लिए किया जाना चाहिए, ताकि योजना के वास्तविक उद्देश्यों की पूर्ति हो सके।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना से जुड़े सभी बच्चों की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जाए। किसी बच्चे को अतिरिक्त सहायता या संरक्षण की आवश्यकता होने पर परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा पात्र बच्चों तक सहायता का लाभ नियमित रूप से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा और विकास प्रभावित नहीं होना चाहिए। बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ, संरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। सरकार की ओर से संचालित बाल संरक्षण एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिले के पात्र और जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, पोषण, संरक्षण और विकास के समान अवसर मिलना जरूरी है। स्पॉन्सरशिप योजना जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें परिवार और समुदाय के बीच सुरक्षित वातावरण में रहने तथा अपनी शिक्षा जारी रखने में मदद करती है। नियमित आर्थिक सहायता बच्चों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ उन्हें बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न जोखिमों से बचाने में भी सहायक होगी।
स्पॉन्सरशिप योजना का उद्देश्य ऐसे पात्र एवं जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जिन्हें परिवार एवं समुदाय के सुरक्षित वातावरण में रहते हुए शिक्षा और समुचित विकास के अवसर प्राप्त हो सकें। योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता बच्चों के सर्वांगीण विकास और बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जिला प्रशासन की ओर से बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा आर्थिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा, पोषण और आवश्यक देखभाल से वंचित न रहे। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 42 बच्चों का चयन और उन्हें प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की स्वीकृति इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी सहित संबंधित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।



