‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान के तहत अर्जुनपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
विद्यार्थियों को मौलिक अधिकार, किशोर न्याय व्यवस्था और साइबर अपराध से बचाव की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी।

साहिबगंज। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में जिले में ‘जागृति योजना, 2025’ के अंतर्गत ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान के तहत व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से जिले के विद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों एवं सुदूर इलाकों में पहुंचकर युवाओं और विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में 31 अगस्त 2026 को पतना प्रखंड अंतर्गत अर्जुनपुर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी)-न्याय मित्र विकास कुमार, मुस्ताक अंसारी एवं अन्य द्वारा किया गया। इस दौरान विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों तथा नागरिक कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मौलिक अधिकारों, उनके महत्व तथा अधिकारों के साथ जुड़े कर्तव्यों के बारे में सरल एवं सहज भाषा में जानकारी दी गई। इसके साथ ही किशोर न्याय व्यवस्था, कानून के उल्लंघन की स्थिति में किशोरों को प्राप्त अधिकार तथा किशोरों के संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि पहली बार कानून का उल्लंघन करने वाले युवाओं के प्रति सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके पुनर्वास एवं समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल करने के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान उपलब्ध हैं। युवाओं को अपराध से दूर रहने तथा किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में नहीं लेने के लिए भी जागरूक किया गया।
वर्तमान डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित धोखाधड़ी, डीपफेक एवं अन्य डिजिटल अपराधों के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने, संदिग्ध लिंक एवं संदेशों से सावधान रहने तथा अपनी व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच सतर्कता को साइबर अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
कार्यक्रम में विद्यालयों में रैगिंग विरोधी कानून तथा नालसा स्टूडेंट अवेयरनेस रिसोर्स ऑन रैगिंग, 2026 के संबंध में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग जैसी गतिविधियों को किसी भी रूप में बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए तथा ऐसी घटना सामने आने पर उचित माध्यम से इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जानी चाहिए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव आलोक मरांडी ने बताया कि जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पीएलवी-न्याय मित्रों के माध्यम से विधिक जागरूकता का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान का उद्देश्य केवल युवाओं को कानून की जानकारी उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, जागरूक और सशक्त नागरिक के रूप में विकसित करना भी है। जब युवा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझेंगे, तभी वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ राष्ट्र के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में कानून के प्रति समझ विकसित करने, अधिकारों के प्रति सजगता बढ़ाने तथा डिजिटल युग में सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को आगे भी जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर आयोजित किए जाने की बात कही गई।




