गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट, उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने विभिन्न घाटों का किया निरीक्षण।
संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों का लिया जायजा, नावों और वॉटर एम्बुलेंस की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश।

साहिबगंज। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे ने मंगलवार को चानन घाट, ओझाटोली घाट एवं शकुंतला सहाय घाट सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर, कटाव तथा कटावरोधी कार्यों की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर 26.25 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 27.25 मीटर निर्धारित है। इस प्रकार वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे है। हालांकि गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन फिलहाल जिले में किसी भी आबादी के प्रभावित होने की सूचना नहीं है।

उपायुक्त ने अधिकारियों को जलस्तर में हो रही वृद्धि पर लगातार नजर बनाए रखने तथा संभावित बाढ़ की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के सुरक्षित आवागमन एवं जरूरत पड़ने पर त्वरित निकासी के लिए पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की छह मोटराइज्ड नावें वर्तमान में लोगों की सेवा के लिए तैयार हैं। आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ के दौरान अतिरिक्त नावों का अधिग्रहण भी किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उपायुक्त ने बताया कि पूर्व में खराब हुई वॉटर एम्बुलेंस की मरम्मत करा ली गई है और उसे सेवा के लिए तैयार रखा गया है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर जरूरत के अनुसार वॉटर एम्बुलेंस का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को त्वरित चिकित्सा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
शकुंतला सहाय घाट के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संभावित बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए वॉटरप्रूफ टेंट लगाने हेतु उपयुक्त स्थान चिह्नित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित स्थान, आवागमन और निकासी की व्यवस्था को हर हाल में सुदृढ़ रखा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो और सभी आवश्यक संसाधनों को पहले से तैयार रखा जाए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन गंगा नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। जलस्तर और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएंगे। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं को तैयार रखा गया है।किसी भी आपात स्थिति में आमजन जिला नियंत्रण कक्ष के निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते है 9006963963, 9631155933, 9065370630, 06436-356485, 06436-222101, 06436-222202 इसके अलावा तत्काल सहायता के लिए आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता विजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।




