उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने कृषि, उद्यान, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की।
समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देश, किसानों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने पर जोर।

साहिबगंज। उपायुक्त दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में कृषि, आत्मा, सहकारिता, उद्यान, जिला पशुपालन एवं जिला गव्य विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों तक सरकार की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में उर्वरक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सघन निरीक्षण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अब तक 21 उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया है, जिनमें अनियमितता पाए जाने पर 6 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसानों को संतुलित एवं अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में इस वर्ष वर्षापात की स्थिति सामान्य से बेहतर है। जुलाई माह में सामान्य वर्षापात 289.90 मिमी के मुकाबले अब तक 291.77 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई है, वहां कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
खरीफ वर्ष 2026-27 के अंतर्गत बीज विनिमय एवं वितरण योजना के तहत प्रमाणित धान बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले को अब तक 530 क्विंटल एमटीयू-7029 धान बीज प्राप्त हुआ है, जिसमें से 498 क्विंटल बीज 585 किसानों के बीच वितरित किया जा चुका है।
इसके अलावा बिरसा फसल विस्तार योजना के तहत 100 क्विंटल मूंग, 6 क्विंटल मक्का एवं 3.2 क्विंटल रागी बीज प्राप्त हुए हैं, जिनका वितरण पात्र किसानों के बीच लगातार जारी है।

जिले में बीज एवं अन्य कृषि उपादानों के वितरण के लिए ब्लॉकचेन प्रणाली के माध्यम से किसानों का निबंधन किया जा रहा है। अब तक 67,430 किसानों का निबंधन पूरा हो चुका है, जबकि शेष किसानों का पंजीकरण तेजी से कराया जा रहा है।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 1,737 आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिनमें से 1,732 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से किसानों को ₹12.48 करोड़ (1,248.74 लाख रुपये) का कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है।
ई-केवाईसी की समीक्षा में बताया गया कि 20,094 ऋणी किसानों में से 13,760 किसानों का ऑनलाइन ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। उपायुक्त ने शेष 2,663 लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उद्यान विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मधुमक्खी पालन योजना के तहत 480 मधुमक्खी बक्से, 480 छत्ते (8 फ्रेम), 24 मधु प्रोसेसिंग इकाइयों तथा 24 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

योजना के लाभुकों के चयन हेतु समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किया जा चुका है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आवेदन प्राप्त होते ही नियमानुसार चयन प्रक्रिया पूरी कर योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
सहकारिता विभाग की समीक्षा में 100 एमटी एवं 500 एमटी क्षमता वाले गोदामों के निर्माण कार्य की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्धारित समयसीमा में पूरे कर शीघ्र हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही 100 एमटी क्षमता वाले छह पूर्ण हो चुके गोदामों को संबंधित लैम्प्स (LAMPS) को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।
पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,197 लाभुकों का चयन कर डीबीटी स्वीकृत किया गया था। इनमें से अब तक 780 लाभुकों को योजना का लाभ दिया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 65.16 प्रतिशत है।
बैठक में यह भी बताया गया कि बकरा विकास, सूकर विकास, बैकयार्ड लेयर कुक्कुट पालन, ब्रायलर कुक्कुट पालन एवं बतख चूजा वितरण जैसी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। शेष चयनित लाभुकों को भी निर्धारित अवधि के भीतर योजना से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।
उपायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लक्ष्यों को पूरा किया जाए।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का, जिला सहकारिता पदाधिकारी महादेव मुर्मू, जिला उद्यान पदाधिकारी अमितेश रंजन, जिला विज्ञान एवं मूल्यांकन पदाधिकारी अरुण कुमार भोक्ता, जिला पशुपालन पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।




