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झारखंड

राजमहल मॉडल कॉलेज में श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती, वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प।

प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा— साहित्य और प्रकृति दोनों मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर; विद्यार्थियों से अधिकाधिक वृक्ष लगाने का किया आह्वान।

राजमहल साहिबगंज।राजमहल मॉडल कॉलेज में हिंदी साहित्य के महान कथाकार, उपन्यास सम्राट एवं युगद्रष्टा साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों एवं विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प भी दोहराया।

कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार ने किया। उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के जीवन, व्यक्तित्व एवं साहित्यिक अवदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज की वास्तविकताओं का जीवंत एवं सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने अपने उपन्यासों और कहानियों के माध्यम से किसानों, मजदूरों, महिलाओं, शोषित एवं वंचित वर्ग के जीवन-संघर्ष, पीड़ा और सामाजिक विषमताओं को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। उनके साहित्य में सामाजिक न्याय, समानता, मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति देखने को मिलती है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद सदैव जमीनी यथार्थ के लेखक रहे। उन्होंने ग्रामीण भारत, किसानों, श्रमिकों, दलितों एवं वंचित वर्ग के संघर्षों को अपनी लेखनी के माध्यम से अमर बना दिया। उनकी रचनाएँ आज भी समाज को नई दिशा, सकारात्मक सोच और सामाजिक चेतना प्रदान करती हैं।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा, “साहित्य और प्रकृति दोनों मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। प्रेमचंद की कृतियाँ मानवीय मूल्यों, सामाजिक चेतना और नैतिकता का संदेश देती हैं। वर्तमान समय में साहित्य के अध्ययन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

प्रेमचंद जयंती के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर निर्माण और प्रकृति के संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान छात्राओं सुधा, ऊषा एवं शरीफा ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाए, जबकि छात्र प्रसन्नजीत, राहुल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाकर इसे सफल बनाया।

कार्यक्रम का समापन मुंशी प्रेमचंद के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने, साहित्यिक चेतना को सशक्त बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने प्रेमचंद के विचारों को अपने जीवन में अपनाने तथा स्वच्छ, हरित एवं जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

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