मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा को लेकर डीएलएसए का विशेष जागरूकता अभियान।
मूक-बधिर विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर दिव्यांग बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को दी गई कानूनी अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता की विस्तृत जानकारी।

साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार झालसा रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार डीएलएसए साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में जिले में मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण, संवर्द्धन और उन्हें न्याय तक सहज पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष कानूनी जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज के सचिव विश्वनाथ भगत की अध्यक्षता में व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित लोक अदालत कक्ष में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अलावा लीगल एड डिफेंस काउंसिल एवं पारा लीगल वॉलंटियर्स न्याय मित्र द्वारा मूक-बधिर विद्यालय, साहिबगंज में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान दिव्यांग बच्चों, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के साथ-साथ निःशुल्क विधिक सहायता की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा नई दिल्ली की “मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों को विधिक सेवाएँ योजना, 2024” के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानसिक अथवा शारीरिक दिव्यांगता किसी भी व्यक्ति के मौलिक, संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों को सीमित नहीं करती। प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने, समान अवसर प्राप्त करने तथा न्याय तक समान और सुगम पहुंच का अधिकार प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य ऐसे सभी जरूरतमंद व्यक्तियों तक समय पर विधिक सहायता पहुंचाना है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर उनका लाभ प्राप्त कर सकें।

सचिव विश्वनाथ भगत ने शिक्षकों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके संज्ञान में कोई मानसिक रूप से अस्वस्थ अथवा बौद्धिक दिव्यांग व्यक्ति सहायता का पात्र हो, तो इसकी सूचना तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज को दें। इससे संबंधित व्यक्ति को समय पर निःशुल्क विधिक सहायता, आवश्यक परामर्श एवं अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को राष्ट्रीय निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित परामर्श सेवाओं, सरकारी योजनाओं एवं उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, अभिभावक, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य, पारा लीगल वॉलंटियर्स न्याय मित्र तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता उत्पन्न करना, उन्हें न्यायिक व्यवस्था से जोड़ना तथा विधिक सेवाओं तक उनकी सरल, सुलभ एवं प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना था।




