झारखंड राज्य मिलेट मिशन के तहत बोरियो में किसान पंजीकरण शिविर आयोजित, मिलेट खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को दी गई योजनाओं की विस्तृत जानकारी।
तेलों पंचायत में आयोजित शिविर में किसानों का हुआ पंजीकरण, प्रति एकड़ ₹3,000 की प्रोत्साहन राशि सहित विभिन्न कृषि योजनाओं की दी गई जानकारी।

बोरियो साहिबगंज। झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना के तहत प्रखंड बोरियो की तेलों पंचायत में मंगलवार को मिलेट (मोटे अनाज) उत्पादक किसानों के पंजीकरण हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य किसानों को मिलेट की खेती के प्रति प्रोत्साहित करना, सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना तथा आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की जानकारी देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर अपना पंजीकरण कराया तथा विभिन्न कृषि योजनाओं से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।
शिविर में उपस्थित किसानों का झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत पंजीकरण किया गया। साथ ही उन्हें योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि वर्तमान समय में मोटे अनाज (मिलेट) की खेती स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी है।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को मिलेट के पोषण संबंधी महत्व, कम लागत में अधिक उत्पादन, जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती, कम पानी में बेहतर उत्पादन तथा किसानों की आय बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने उन्नत कृषि तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी किसानों को जागरूक किया।
जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का ने बताया कि झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ ₹3,000 की दर से अधिकतम 5 एकड़ तक कुल ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक मिलेट की खेती अपनाने तथा सरकार के आधिकारिक पोर्टल www.jhmm.gov.in पर पंजीकरण कर योजना का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मिलेट की खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि यह पोषण सुरक्षा, जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को भी मजबूत करती है। बदलती जलवायु परिस्थितियों में मिलेट की खेती किसानों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रही है।

शिविर में किसानों को प्रधानमंत्री कुसुम (PM-KUSUM) योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), बीज विनिमय एवं वितरण योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), झारखंड कृषि ऋण माफी योजना, आत्मा योजना, किसान समृद्धि योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, मृदा परीक्षण तथा बीज परीक्षण सहित केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके अलावा किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने, आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके सवालों का समाधान भी किया।
कार्यक्रम में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मिलेट उत्पादन, सरकारी योजनाओं एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। किसानों ने ऐसे जागरूकता एवं पंजीकरण शिविरों को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रखंड प्रमुख शांति बास्की, जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का, उप परियोजना निदेशक मंटू कुमार, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक अनुपम हांसदा, सहायक तकनीकी प्रबंधक अंजू कुमारी एवं तान्या सिंह, जेएसएलपीएस के कर्मी, कृषक मित्र तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।




