बरहेट बाजार पंचायत सचिवालय में नारी अदालत की बैठक आयोजित, महिलाओं को अधिकारों एवं सशक्तिकरण के प्रति किया गया जागरूक।
महिलाओं से घरेलू हिंसा, उत्पीड़न एवं भेदभाव के मामलों में नारी अदालत और महिला हेल्पलाइन 181 की सहायता लेने की अपील।

बरहेट साहिबगंज। बरहेट बाजार पंचायत सचिवालय में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, साहिबगंज सह केंद्र प्रशासक, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी की अध्यक्षता में नारी अदालत की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा न्याय तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करना था।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष पूनम कुमारी ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को समाज में समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है। इसके लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर एवं सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने महिलाओं से अपील की कि यदि वे किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा, मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न, भेदभाव अथवा अन्य सामाजिक समस्याओं का सामना कर रही हैं, तो वे बिना संकोच नारी अदालत में अपनी शिकायत दर्ज कराएं तथा महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त करें।
बैठक के दौरान उपस्थित महिलाओं को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सहभागिता तथा न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों के लिए आगे आने एवं समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में बरहेट बाजार की मुखिया, महिला पर्यवेक्षिका, वार्ड सदस्य, संरक्षण पदाधिकारी गैर संस्थागत देखरेख कार्यक्रम पदाधिकारी सी-3, चाइल्ड हेल्पलाइन साहिबगंज के परियोजना समन्वयक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य महिलाएं एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नारी अदालत की बैठक प्रत्येक माह दो बार आयोजित की जाएगी तथा पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी प्रावधानों एवं उपलब्ध सरकारी सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।
बैठक के उपरांत बाल मित्र पुलिस पदाधिकारी, रांगा तथा थाना प्रभारी से औपचारिक मुलाकात कर बच्चों से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों, बाल संरक्षण कानूनों तथा आपसी समन्वय को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई, ताकि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।


