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झारखंड

स्वास्थ्य योजनाओं, अस्पताल प्रबंधन एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा को लेकर उपायुक्त ने की उच्चस्तरीय बैठक।

जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला टास्क फोर्स की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर।

साहिबगंज। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार, साहिबगंज में जिला स्वास्थ्य समिति (DHS) एवं जिला टास्क फोर्स (DTF) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री कायाकल्प योजना, मुख्यमंत्री अस्पताल प्रबंधन एवं अनुरक्षण योजना, 15वें वित्त आयोग, PM-ABHIM योजना सहित स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों की आधारभूत संरचना, निर्माण कार्यों, चिकित्सा सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, एम्बुलेंस सेवा, स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता एवं अस्पतालों में मानवबल की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक 15वें वित्त आयोग के तहत निर्मित स्वास्थ्य उपकेंद्र (HSC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भवनों के निर्माण एवं हैंडओवर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि भवनों का हैंडओवर कार्य की गुणवत्ता जांच के बाद ही लिया जाए, ताकि आधारभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति सुनिश्चित हो सके।

जिन PHC एवं HSC भवनों का निर्माण भूमि चिन्हित नहीं होने के कारण लंबित है, उनके भूमि प्रतिवेदन दो सप्ताह के भीतर संबंधित अंचलाधिकारी को समर्पित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही उप विकास आयुक्त एवं सिविल सर्जन को संयुक्त स्थल जांच करने का निर्देश भी दिया गया।

उपायुक्त ने विभागीय निर्देशों के अनुरूप योजनाओं में शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए संबंधित एजेंसियों से अद्यतन व्यय प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा। वहीं PM-ABHIM योजना अंतर्गत पतना एवं बरहेट प्रखंड में उपलब्ध मेडिकल उपकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया।

उन्होंने कार्यपालक अभियंता, NREP को निर्देशित किया कि जिन निर्माण कार्यों का कार्यादेश निर्गत हो चुका है, उन्हें शीघ्र प्रारंभ किया जाए तथा प्रगति पर चल रहे कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराया जाए।

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित “100 डेज टीबी कैंप” की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कैंप की तिथि एवं कार्यक्रम की जानकारी समाचार पत्रों एवं मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित की जाए।

“निक्षय मित्र” योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिला एवं प्रखंड स्तर के सभी पदाधिकारी कम-से-कम पांच टीबी मरीजों को गोद लें। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं उप विकास आयुक्त स्वयं करेंगे।

बैठक में ANC जांच से वंचित गर्भवती महिलाओं की पहचान कर सहिया के माध्यम से शत-प्रतिशत ANC जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बरहरवा BPM को स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाने का निर्देश भी दिया गया।

संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले से बाहर प्रसव के लिए जाने वाली माताओं की सूची तैयार कर संबंधित प्रखंड में प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। सहिया के माध्यम से लाइन लिस्ट तैयार कर बाहर जाने के कारणों का विश्लेषण एवं समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

दियारा क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने हेतु वाटर एम्बुलेंस का नियमित परिचालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।

बैठक में SNCU (Special Newborn Care Unit) का विस्तार कर बेड संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया। वहीं MTC (Malnutrition Treatment Centre) को लेकर MOIC राजमहल एवं बरहरवा को CDPO के साथ समन्वय स्थापित कर कुपोषित बच्चों की पहचान एवं भर्ती सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।

उपचार प्रोटोकॉल की जानकारी सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को उपलब्ध कराने तथा SNCU विस्तार कार्यों को निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

उपायुक्त ने सभी चिकित्सकों को नियमित रूप से सुबह 9 बजे से अपराह्न 3 बजे तक ओपीडी में उपस्थित रहने का निर्देश दिया, चाहे उनका पदस्थापन जिला मुख्यालय से दूर क्यों न हो।

बैठक में CHC पतना में PCC सड़क निर्माण, शिवा पहाड़ सड़क निर्माण, मंडरो PHC में चहारदीवारी निर्माण एवं मंडरो CHC में फार्मासिस्ट उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।

उपायुक्त ने एम्बुलेंस सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि मंडरो CHC को CSR मद से प्राप्त एम्बुलेंस के लिए डीजल एवं अनुरक्षण राशि DHS के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में सदर अस्पताल, साहिबगंज में संचालित कार्यों की समीक्षा के साथ Trauma Centre, ICU, Burn Ward, Chemotherapy एवं Elderly Day Care Centre के सुचारू संचालन हेतु मानवबल उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।

इसके अलावा CHC सदर प्रखंड में 5KW रूफटॉप सोलर पीवी सिस्टम को 50KW में परिवर्तित करने, जिला शीत श्रृंखला कक्ष में सोलर सिस्टम लगाने, CHC बोरियो में सौंदर्यीकरण, PHC मंडरो में चहारदीवारी निर्माण, वैक्सीन परिवहन वाहन उपलब्ध कराने तथा अनुमंडलीय अस्पताल राजमहल में वर्तमान X-Ray प्रणाली को Digital X-Ray में बदलने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, सभी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC), स्वास्थ्य विभाग के संबंधित पदाधिकारी, अभियंता, कार्यक्रम प्रबंधक, विभिन्न योजनाओं से जुड़े अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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