झारखंड

गैस एजेंसियों की कार्यशैली पर प्रशासन सख्त।

तीन दिनों में सुधार नहीं होने पर होगी कानूनी कार्रवाई : उपायुक्त।

साहिबगंज। जिले में गैस वितरण व्यवस्था में लगातार मिल रही शिकायतों और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लंबित मामलों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में गैस वितरण व्यवस्था एवं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता गौतम भगत, जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुनू मिश्रा सहित विभिन्न गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्राप्त नए आवेदनों के सत्यापन, गैस सिलेंडर वितरण में लंबित बैकलॉग, सब्सिडी व्यवस्था तथा आपूर्ति प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में बताया गया कि मई माह तक जिले में लगभग 30 हजार गैस सिलेंडरों का बैकलॉग लंबित है। इनमें सबसे अधिक लंबित मामले स्वास्तिक गैस एजेंसी में पाए गए।

उपायुक्त ने इस स्थिति पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि लंबित गैस डिलीवरी को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूरा किया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में बिना OTP/DAC सत्यापन के गैस वितरण नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी डिलीवरी कर्मियों द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से अनिवार्य रूप से सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि वितरण प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गैस वितरण व्यवस्था का फील्ड स्तर पर सत्यापन कराया जाए। उपायुक्त ने कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कार्यपालक दंडाधिकारी एवं अंचल अधिकारियों की टीम गठित कर एजेंसियों की डिलीवरी व्यवस्था की निगरानी कराई जाएगी।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं होने पर संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध Essential Commodities Act के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना एजेंसियों की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की फर्जी बुकिंग, अनियमितता या उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशान करने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही गैस एजेंसियों को अपने इंडेंट, सप्लाई चेन और गोदाम प्रबंधन को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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