बकाया कमीशन के भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर पीडीएस डीलरों का धरना।
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन की साहिबगंज इकाई ने राजमहल अनुमंडल कार्यालय के समक्ष दिया एक दिवसीय धरना, एलआरडीसी को सौंपा ज्ञापन।

राजमहल साहिबगंज। झारखंड राज्य जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों की विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में मंगलवार को ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन, साहिबगंज इकाई के तत्वावधान में राजमहल अनुमंडल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया। धरने की अध्यक्षता फेडरेशन के जिला अध्यक्ष मो. जाकिर हुसैन ने की। धरना समाप्ति के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन एलआरडीसी बिमल सोरेन को सौंपा।
धरने के दौरान जन वितरण प्रणाली दुकानदारों ने कहा कि राज्य के लगभग 25000 पीडीएस विक्रेता लंबे समय से बकाया कमीशन के भुगतान सहित अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि जन वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें उनके कार्य का कमीशन समय पर नहीं मिल रहा है। इससे डीलरों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है और उनके परिवार के भरण-पोषण में भी कठिनाई हो रही है।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि डीलरों का NFSA योजना के लगभग 10 माह का कमीशन, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के कोरोना काल से संबंधित आंशिक कमीशन तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का कमीशन अब तक बकाया है। डीलरों ने कहा कि खाद्यान्न वितरण के बाद अपने पारिश्रमिक के लिए उन्हें महीनों विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और बार-बार भुगतान की गुहार लगानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि डीलर भी परिवार चलाने वाला व्यक्ति है और उसका कमीशन ही उसकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में लंबे समय तक कमीशन का भुगतान लंबित रहने से दुकानदारों के सामने गंभीर आर्थिक परेशानी खड़ी हो जाती है।
फेडरेशन ने मांग की कि अब तक वितरित किए गए संपूर्ण PMGKAY, NFSA एवं JSFSS खाद्यान्न का बकाया कमीशन 30 दिनों के अंदर भुगतान किया जाए। साथ ही वर्तमान में NFSA एक्ट की धारा 16 के अनुरूप खाद्यान्न आवंटन के साथ ही डीलरों के कमीशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

डीलरों ने यह भी मांग की कि जिस माह का खाद्यान्न आवंटित किया जाना है, वह आवंटित माह शुरू होने से पहले दुकानदारों को उपलब्ध कराया जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो खाद्यान्न प्राप्त होने की तिथि से कम से कम 30 दिनों की वितरण अवधि निर्धारित की जाए।
धरनार्थियों ने खाद्यान्न की गुणवत्ता और वजन को लेकर भी अपनी समस्या रखी। उन्होंने मांग की कि जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सही वजन का खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए, ताकि लाभुकों को भी किसी प्रकार की परेशानी न हो और डीलरों पर अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
फेडरेशन ने डीलरों के लिए न्यूनतम 50 हजार रुपये मासिक आय सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। डीलरों का कहना है कि वर्तमान आर्थिक व्यवस्था में दुकान का किराया, सहायक की मजदूरी, बिजली बिल, रखरखाव सहित अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सम्मानजनक एवं स्थायी आय के बिना दुकानदारों के लिए जन वितरण प्रणाली की दुकान चलाना कठिन होता जा रहा है।
फेडरेशन ने कहा कि सरकार को डीलरों की आर्थिक स्थिति को गंभीरता से लेते हुए ऐसा पारिश्रमिक निर्धारित करना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकें।
धरने के दौरान डीलरों ने सरकार द्वारा घोषित मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य चिकित्सा योजना का लाभ पीडीएस डीलरों एवं उनके परिवारों को देने की मांग की। इसके अलावा डीलरों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान कार्ड तथा सम्मानजनक कार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
फेडरेशन ने राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री दाल योजना को नियमित रूप से माहवार लागू करने की मांग की। साथ ही सरकार द्वारा घोषित सोयाबड़ी एवं सरसों तेल योजना को भी प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई।डीलरों ने चुनाव से पूर्व घोषित प्रति व्यक्ति सात किलो अनाज देने की योजना को भी लागू करने की मांग सरकार के समक्ष रखी।
पीडीएस डीलरों ने ई-पॉस मशीन, सर्वर एवं नेटवर्क की समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उनका कहना है कि सर्वर की समस्या के कारण कई बार खाद्यान्न वितरण बाधित हो जाता है। इससे लाभुकों को समय पर खाद्यान्न नहीं मिल पाता और डीलरों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।फेडरेशन ने एनआईसी व्यवस्था में मूलभूत सुधार करने तथा एनआईसी से संबंधित तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए अलग शिकायत प्रकोष्ठ गठित करने की मांग की।
डीलरों ने भारत सरकार के निर्देश के अनुसार जन वितरण प्रणाली में पेपरलेस व्यवस्था तत्काल लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि डिजिटल एवं पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से अनावश्यक कागजी प्रक्रिया कम होगी और दुकानदारों तथा लाभुकों को सुविधा मिलेगी।
फेडरेशन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 सितंबर 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी 1 अक्टूबर 2026 को रांची में राजभवन के समक्ष राज्यव्यापी धरना दिया जाएगा।
इसके बाद भी यदि राज्य सरकार डीलरों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो फेडरेशन ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी। डीलरों ने कहा कि उन्हें मजबूर होकर “कमीशन नहीं तो वितरण नहीं” जैसे कठोर निर्णय की ओर बढ़ना पड़ सकता है।
धरना दे रहे डीलरों ने कहा कि जन वितरण प्रणाली के माध्यम से वे लगातार गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक सरकार की खाद्यान्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद यदि उनके मेहनताने और कमीशन का भुगतान समय पर नहीं किया जाता है, तो यह उनके साथ आर्थिक अन्याय है।उन्होंने सरकार से अपील की कि डीलरों की समस्याओं को केवल विभागीय मामला न मानकर उनके रोजगार, आजीविका और परिवार के भविष्य से जुड़ा विषय समझते हुए शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए।
धरने में प्रेम लाल ढोली, शशि भूषण रविदास, रघुनाथ रविदास, लक्ष्मी वेवा, मिथुन कुमार पासवान, सोरोल मरांडी प्रोसेनजीत घोष, देवयानी घोष, आशा देवी, संजू सेन, सुनीता देवी, गोपाल मुर्मू, शांति देवी, साहैनुर वीवी किशोर कुमार जैन सहित बड़ी संख्या में जन वितरण प्रणाली दुकानदार एवं फेडरेशन के अन्य सदस्य उपस्थित थे।



