बरहरवा व तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता से दो नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू।
अकेले भटक रहे 9 व 13 वर्षीय बच्चों को सुरक्षित कर चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा, समय रहते बड़ी अनहोनी टली।

बरहरवा साहिबगंज।रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सक्रियता और सतर्कता के चलते बरहरवा एवं तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन पर दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। यह कार्रवाई असामाजिक गतिविधियों एवं यात्री संबंधी अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष छापेमारी एवं तलाशी अभियान के दौरान की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में एएसआई बी.एन. टुडू, कांस्टेबल राकेश कुमार, अमरेश कुमार एवं जय कुमार सिंह द्वारा बरहरवा रेलवे स्टेशन पर अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन संख्या 53030 भागलपुर–अजीमगंज पैसेंजर के बरहरवा पहुंचने पर एक नाबालिग लड़का अकेले उतरता हुआ दिखाई दिया।
पूछताछ करने पर बालक ने बताया कि वह भागलपुर के एक मदरसे में पढ़ता है और अपने पिता के साथ घर लौटने के लिए स्टेशन आया था, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण उसके पिता ट्रेन में नहीं चढ़ सके और वह अनजाने में अकेले ही ट्रेन में सवार होकर बरहरवा पहुंच गया।
वहीं दूसरी ओर, आरपीएफ कैंपिंग स्टाफ तीनपहाड़ द्वारा प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर एक नाबालिग लड़की को अकेले भटकते हुए पाया गया। पूछताछ में उसने बताया कि माता-पिता की डांट से नाराज होकर वह घर से भाग आई थी। परिजनों से संपर्क करने पर उसके भाई ने जानकारी दी कि लड़की मानसिक रूप से थोड़ी अस्वस्थ है और पिछली रात से घर से लापता थी।
दोनों बच्चों की उम्र क्रमशः 9 वर्ष (लड़का) एवं 13 वर्ष (लड़की) है। लड़के ने अपना घर मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र तथा लड़की ने राजमहल थाना क्षेत्र, जिला साहिबगंज का निवासी बताया।
आरपीएफ द्वारा तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चों को बरहरवा पोस्ट लाया गया तथा चाइल्ड हेल्पलाइन, साहिबगंज को सूचना दी गई। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात चाइल्ड हेल्पलाइन ‘मंथन’ के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और बच्चों की काउंसलिंग की गई।
इसके उपरांत सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दोनों नाबालिग बच्चों को आगे की देखभाल एवं कार्रवाई हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन ‘मंथन’ के सुपुर्द कर दिया गया।
आरपीएफ की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण दोनों बच्चों को सुरक्षित बचाया जा सका, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।


