Welcome to Jharkhand Sahibganj News   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Sahibganj News
झारखंड

पाकुड़ में पेयजल योजनाओं पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज सख्त, समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के दिए निर्देश।

समाहरणालय में हुई पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, भूमि विवाद दूर कर जलापूर्ति योजनाओं में तेजी लाने पर जोर।

पाकुड़। जिले में प्रत्येक घर तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिले में संचालित जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति, निर्माणाधीन कार्यों, भूमि संबंधी समस्याओं तथा पेयजल उपलब्धता की स्थिति का बिंदुवार आकलन किया गया।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जलापूर्ति योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आमजन को निर्बाध, सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी योजना में लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने पाकुड़ ग्रामीण जिला जलापूर्ति योजना के अंतर्गत संग्रामपुर, लखनपुर तथा मनीरामपुर सहित उन सभी क्षेत्रों की समीक्षा की, जहां भूमि संबंधी समस्याओं के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर इन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाएं भूमि विवादों के कारण लंबित नहीं रहनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर बाधाओं को दूर करें और विकास कार्यों को गति दें।

उपायुक्त ने पृथ्वीनगर उर्फ अमालपुर में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में एक निगरानी टीम गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके।

बैठक में लिट्टीपाड़ा एवं अमड़ापाड़ा जैसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में स्थायी पेयजल व्यवस्था विकसित करने पर विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने लिट्टीपाड़ा के सहायक अभियंता को निर्देश दिया कि दोनों प्रखंडों में झरनों के जलस्रोतों का भौतिक निरीक्षण कर लिफ्ट इरिगेशन प्रणाली के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की संभावनाओं का अध्ययन करें।

उन्होंने एक सप्ताह के भीतर विस्तृत ड्राइंग एवं तकनीकी प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्राकृतिक जलस्रोतों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपयोग कर दूरस्थ क्षेत्रों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में ठोस पहल की जाए।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि प्रत्येक घर तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी अधिकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें तथा तय समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण कराएं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना की लगातार समीक्षा की जाएगी और कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

समीक्षा बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता (एई), कनीय अभियंता (जेई), जिला समन्वयक सहित विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!