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झारखंड

पीएम-कुसुम, ज्रेडा एवं सौर ऊर्जा योजनाओं की व्यापक समीक्षा।

उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश, खराब सोलर संयंत्रों की होगी जांच, पर्यटन स्थलों पर लगेंगी हाई-मास्ट लाइटें।

साहिबगंज। जिले में सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा खराब पड़े सोलर संयंत्रों की जांच एवं मरम्मत सुनिश्चित करने को लेकर उपायुक्त दीपक कुमार दुबे  की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीएम-कुसुम  ज्रेडा , पीएम-सूर्यघर योजना सहित विभिन्न सौर ऊर्जा परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल ने बताया कि पीएम-सूर्यघर योजना के अंतर्गत जिले में अब तक केवल पाँच लाभुकों के घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए जा सके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि लाभुकों द्वारा समय पर आवश्यक अंशदान जमा नहीं किए जाने के कारण योजना की प्रगति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच सकी है।

इस पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार योजना का लाभ उठा सकें और जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने नोडल पदाधिकारी (सोलर) को निर्देशित किया कि चालू वित्तीय वर्ष में ज्रेडा को भेजे जाने वाले प्रस्तावों के लिए जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का चयन कर तत्काल प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

उन्होंने विशेष रूप से मोतीझरना, कन्हैया स्थान, सिंगी दलान, बाराद्वारी सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था विकसित करने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने को कहा।

उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों एवं अन्य व्यस्त सार्वजनिक स्थलों पर हाई-मास्ट सोलर लाइट लगाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर तत्काल उपलब्ध कराएं, ताकि आम लोगों को बेहतर प्रकाश व्यवस्था का लाभ मिल सके।

बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिले के विभिन्न गांवों में पूर्व वर्षों में स्थापित कई ऑफ-ग्रिड सोलर संयंत्र वर्तमान में खराब पड़े हैं और उनका संचालन बंद है।

इस पर उपायुक्त ने नोडल पदाधिकारी (सोलर) को निर्देश दिया कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से इन संयंत्रों की कार्यशील स्थिति (Functionality Status) की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की जाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) अवधि के भीतर भी कोई संयंत्र खराब पाया जाता है तो जिला प्रशासन की ओर से तत्काल ज्रेडा को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मॉडल सोलर विलेज योजना के मूल्यांकन पत्र की समीक्षा के बाद उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल को निर्देश दिया कि वे अपने सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के माध्यम से उधवा प्रखंड की पश्चिमी पलाशगाछी पंचायत के असराउल टोला में स्थापित एवं वर्तमान में खराब पड़े सोलर संयंत्र का स्थल निरीक्षण करें।

उन्होंने निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। साथ ही उसी पंचायत में स्थापित अन्य दो ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा संयंत्रों की वर्तमान स्थिति की भी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।

उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि पूर्व वर्षों में जिले में स्थापित सोलर स्ट्रीट लाइट, हाई-मास्ट लाइट तथा अन्य सौर प्रकाश व्यवस्था की मरम्मत एवं अनुरक्षण के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि खराब पड़ी सौर प्रकाश व्यवस्था को पुनः चालू कराया जा सके और आम जनता को उसका लाभ मिल सके।

बैठक के अंत में उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, नियमित निगरानी करने तथा प्रत्येक योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित योजनाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (विद्युत प्रमंडल), कार्यपालक अभियंता (लघु सिंचाई), जिला मृदा संरक्षण पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, डीपीएम (JSLPS), नोडल पदाधिकारी (सोलर) तथा ग्रीन एसोसिएट सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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