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झारखंड

राजमहल के +2 जेके उच्च विद्यालय में भव्य अभिभावक-शिक्षक बैठक संपन्न, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर बना साझा संकल्प।

प्रधानाचार्य डॉ. अभिजीत कुमार ने कहा— विद्यालय और अभिभावकों की साझेदारी से ही विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य संभव, शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर दिया गया विशेष जोर।

राजमहल, साहिबगंज।राजमहल स्थित +2 जेके उच्च विद्यालय में शनिवार को प्रधानाचार्य डॉ. अभिजीत कुमार की अध्यक्षता में अभिभावक-शिक्षक बैठक पीटीएम का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा उनके सर्वांगीण विकास को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सकारात्मक एवं प्रभावी संवाद स्थापित करना था।

बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लेकर अपने बच्चों की शिक्षा, व्यवहार एवं भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर शिक्षकों के साथ विस्तार से चर्चा की। विद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की शिक्षा को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए अभिभावकों के सुझावों को भी गंभीरता से सुना।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. अभिजीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता केवल विद्यालय के प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि उसमें अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय और अभिभावक मिलकर बच्चों के अध्ययन, अनुशासन, व्यवहार एवं मानसिक विकास पर नियमित ध्यान दें, तो प्रत्येक विद्यार्थी अपने जीवन में बेहतर उपलब्धियाँ प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई, गृहकार्य, समय-समय पर आयोजित होने वाली परीक्षाओं, विद्यालय की गतिविधियों तथा उनकी दिनचर्या पर नियमित निगरानी रखें। साथ ही बच्चों को सकारात्मक वातावरण, नैतिक संस्कार और आत्मविश्वास प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार, अनुशासित, संस्कारी एवं जागरूक नागरिक के रूप में तैयार करना भी है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन और आत्मविश्वास जैसे जीवन मूल्यों का विकास विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अभिभावकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

बैठक के दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक उपलब्धियों, परीक्षा परिणाम, कक्षा में प्रदर्शन, नियमित उपस्थिति, व्यवहार एवं सीखने की प्रगति से संबंधित विस्तृत जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की कमजोरियों को दूर करने तथा उनकी प्रतिभा को और अधिक निखारने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।

वहीं अभिभावकों ने भी अपने विचार एवं सुझाव साझा करते हुए विद्यालय द्वारा संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की नियमित अभिभावक-शिक्षक बैठकें विद्यार्थियों के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है तथा बच्चों की समस्याओं का समय रहते समाधान संभव हो पाता है।

अभिभावकों ने विद्यालय परिवार के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा विद्यालय और अभिभावकों के बीच निरंतर सहयोग एवं समन्वय बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की सहभागितापूर्ण पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

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