झारखंड

उत्तरवाहिनी गंगा तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘हर-हर महादेव’ से गूंजा राजमहल।

सूर्यदेव घाट से हजारों श्रद्धालुओं ने भरा पवित्र गंगाजल, शिवगादी धाम व बाबा धनेश्वरनाथ मंदिर में करेंगे जलाभिषेक।

राजमहल साहिबगंज। सावन के पावन महीने में शनिवार को राजमहल स्थित सूर्यदेव घाट के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु सूर्यदेव घाट पहुंचे। सुबह से ही घाट परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। चारों ओर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।

श्रद्धालुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा में विधि-विधान से स्नान कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद कलश, कांवर और विभिन्न पात्रों में पवित्र गंगाजल भरकर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए अपनी यात्रा शुरू की। श्रद्धालुओं के जत्थे बरहेट स्थित प्रसिद्ध शिवगादी धाम तथा मुरली स्थित बाबा धनेश्वरनाथ मंदिर की ओर रवाना हुए, जहां वे पवित्र गंगाजल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।

सूर्यदेव घाट पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भक्ति गीतों, डीजे और शिवभक्ति के जयघोष के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्ति नृत्य करते नजर आए। युवा, महिलाएं और श्रद्धालु ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ उत्साहपूर्वक झूमते रहे। इससे सूर्यदेव घाट का पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

गंगाजल भरने के बाद श्रद्धालुओं के जत्थे पैदल, कांवर तथा विभिन्न वाहनों से शिवधाम की ओर रवाना हुए। रास्ते भर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष सुनाई देते रहे। हजारों श्रद्धालुओं के जुटने से सूर्यदेव घाट से लेकर आसपास का पूरा क्षेत्र भगवा रंग और शिवभक्ति में रंगा नजर आया।

श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन के पवित्र महीने में उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल भरकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना उनके लिए आस्था, श्रद्धा और सौभाग्य का विषय है। इसी धार्मिक भावना के साथ वे गंगाजल लेकर शिवधाम की ओर बढ़ रहे हैं।

सूर्यदेव घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़, भक्ति गीतों की गूंज, कांवरियों का उत्साह और लगातार हो रहे ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष ने राजमहल के माहौल को पूरी तरह शिवमय बना दिया। सावन के इस पावन अवसर पर सूर्यदेव घाट श्रद्धा और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना रहा।

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