समाज कल्याण योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित, लंबित प्रस्तावों के त्वरित निष्पादन के निर्देश।
आईटीडीए परियोजना निदेशक अरुण कुमार एक्का ने सेवा गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया विशेष जोर।

पाकुड़। समाहरणालय स्थित सभागार में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आईटीडीए के परियोजना निदेशक अरुण कुमार एक्का ने की।
बैठक में आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों से संबंधित लंबित प्रस्तावों, पोषण ट्रैकर में शत-प्रतिशत डेटा प्रविष्टि, टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
परियोजना निदेशक ने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के सभी लंबित प्रस्तावों का निष्पादन हर हाल में शीघ्र किया जाए और उसी दिन प्रस्तुत किया जाए, ताकि नियुक्ति पत्रों का वितरण समय पर सुनिश्चित हो सके।

विभागीय प्रस्तुतियों के आधार पर लक्ष्य प्राप्ति, सेवा गुणवत्ता, फील्ड मॉनिटरिंग और तकनीकी अद्यतन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध ढंग से किया जाए, जिससे लाभुकों को समय पर लाभ मिल सके।
बैठक में पोषण ट्रैकर में शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एफआरएस में धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा, महेशपुर और हिरणपुर प्रखंडों में कार्य में तेजी लाने को कहा गया।साथ ही कुपोषित एवं कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल एमटीसी में भर्ती कराने पर विशेष जोर दिया गया।
परियोजना निदेशक ने निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से खुले रहें और वहां सभी निर्धारित सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्थिति में केंद्र बंद नहीं रहने चाहिए तथा लाभुकों को समय पर सभी सेवाएं मिलनी चाहिए।

बैठक के अंत में सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय के साथ करें, ताकि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।




