सिद्धो-कान्हू जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित, हूल विद्रोह के वीर सेनानियों को किया गया नमन।
जिले के वरीय पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि, नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का दिया संदेश।

पाकुड़। अमर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती के अवसर पर आज सिद्धो-कान्हू पार्क में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के वरीय पदाधिकारियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा हूल विद्रोह के महान सेनानियों को नमन किया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी, परियोजना निदेशक (आईटीडीए) अरुण कुमार एक्का, सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र मिश्रा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय सिंह बड़ाईक, जिला योजना पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष सबरी पाल, कार्यपालक पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार चौधरी तथा नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों ने भाग लिया।

सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और हूल विद्रोह के वीर सेनानियों—सिद्धो-कान्हू, चाँद-भैरव सहित सभी शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि सिद्धो-कान्हू की जयंती केवल स्मरण का दिन नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को उनके बलिदान और संघर्ष से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्रता और स्वच्छंद जीवन का आनंद ले रहे हैं, वह अनेक वीरों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। ऐसे में हमें उनके संघर्षों को समझते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि सिद्धो-कान्हू ने अंग्रेजों की गुलामी और शोषण के विरुद्ध क्रांति का बिगुल फूंका था। हूल विद्रोह के माध्यम से उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उनका जीवन हमें साहस, त्याग और देशभक्ति का अनुपम संदेश देता है।
इसके अतिरिक्त समाहरणालय स्थित सभागार में भी सिद्धो-कान्हू के चित्र पर पुलिस अधीक्षक, परियोजना निदेशक (आईटीडीए), जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला क्रीड़ा पदाधिकारी, एसएमपीओ सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों द्वारा माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति से ओत-प्रोत रहा।




