पाकुड़ में NEET 2026 को लेकर प्रशासन अलर्ट, कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अहम बैठक।
दो केंद्रों पर 514 परीक्षार्थी होंगे शामिल, सीसीटीवी, सख्त जांच और भारी पुलिस बल की व्यवस्था, देर से पहुंचने वालों को नहीं मिलेगा प्रवेश।

पाकुड़। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षार्थियों की सुविधा और विभिन्न विभागों के समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिले में इस वर्ष दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, पाकुड़ और पाकुड़ पॉलिटेक्निक। पहले केंद्र पर 154 तथा दूसरे पर 360 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इस प्रकार कुल 514 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी, जबकि परीक्षार्थियों का प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक ही मान्य रहेगा। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पर सख्ती से रोक लगाई जाए। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, सतत मॉनिटरिंग, प्रवेश द्वार पर सघन जांच तथा पहचान पत्र का अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला कर्मियों तथा पुरुष अभ्यर्थियों की जांच पुरुष कर्मियों द्वारा ही की जाए, ताकि कोई भी अभ्यर्थी चिट-पुर्जा, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर अंदर प्रवेश न कर सके।
परीक्षा केंद्रों पर बिजली, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा को कदाचारमुक्त संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित सभी केंद्राधीक्षकों को निर्देशित किया कि समय पर रिपोर्टिंग, सुगम प्रवेश, परीक्षा के दौरान शांति व्यवस्था और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय और सतर्कता के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।

परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक केंद्र पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए दोनों केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा।
स्पष्ट किया गया कि परीक्षार्थी केवल एडमिट कार्ड और फोटो पहचान पत्र के साथ ही केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, अतिरिक्त स्टेशनरी, आभूषण या अन्य प्रतिबंधित सामग्री लाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। परीक्षा केंद्र के भीतर केवल अधिकृत अधिकारी, वीक्षक और कर्मचारी ही प्रवेश कर सकेंगे, बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, मुख्यालय डीएसपी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पाकुड़ सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं केंद्राधीक्षक उपस्थित रहे।


