Welcome to Jharkhand Sahibganj News   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Sahibganj News
झारखंड

विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर साहिबगंज में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

वृद्धजनों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए दिलाई गई जागरूकता।

साहिबगंज। विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), साहिबगंज द्वारा स्नेह स्पर्श वृद्धा आश्रम में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धजनों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उनके प्रति सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा देना था।

यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 15 जून को विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वृद्धजनों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, उपेक्षा और शोषण के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाना है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल तथा पारा लीगल वॉलिंटियर्स न्याय मित्रों द्वारा वृद्धजनों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई।

साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण से संबंधित विभिन्न कानूनों, सरकारी योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद या उत्पीड़न की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि वृद्धजनों के साथ होने वाला शारीरिक, मानसिक, आर्थिक अथवा भावनात्मक शोषण मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। वक्ताओं ने कहा कि समाज और परिवार में वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोग की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि वृद्धजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमामय जीवन उपलब्ध कराना केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने वृद्धजनों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि समाज में वृद्धजनों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा दिया जाएगा तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!