लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन का निर्देश, कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बैंक निभाएं प्रभावी भूमिका।
उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल की अध्यक्षता में डीएलसीसी एवं डीसीसी की संयुक्त बैठक आयोजित।

पाकुड़। जिला मुख्यालय में शुक्रवार को उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DLCC) एवं जिला स्तरीय साख समिति (DCC) की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना, चतुर्थ तिमाही की प्रगति, ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) तथा विभिन्न बैंकिंग एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), मत्स्य, डेयरी, स्वयं सहायता समूह वित्तपोषण, पीएम स्वनिधि, आरसेटी, एनपीए खातों की स्थिति तथा सीएफएल-एफएलसी के माध्यम से आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविरों की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही नीति आयोग अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) एवं अटल पेंशन योजना (APY) की अद्यतन स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले को कुल 1596 करोड़ रुपये का ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध चतुर्थ तिमाही की समाप्ति तक 1038 करोड़ रुपये की उपलब्धि हासिल की गई। जिले का सीडी रेशियो 60.42 प्रतिशत दर्ज किया गया।
उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बैंक प्रबंधकों को प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी पात्र लाभुक योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि पात्र किसानों एवं लाभुकों को समय पर ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन एवं बैंकों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अमित कुमार सिंह ने बताया कि बैंकों में पूर्व से लंबित 141 किसान क्रेडिट कार्ड आवेदनों के निष्पादन हेतु 20 अप्रैल 2026 से 20 मई 2026 तक प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से कुल 256 आवेदनों को स्वीकृत कर किसानों को लाभान्वित किया गया।
उप विकास आयुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी एवं जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिया कि किसानों के लिए विशेष कैंप आयोजित कर नए आवेदन सृजित किए जाएं तथा किसानों को केसीसी रिपेमेंट के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि उनके खाते एनपीए की श्रेणी में न जाएं और वे निरंतर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
इसके अतिरिक्त जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को विभिन्न बैंक शाखाओं में लंबित किसान क्रेडिट कार्ड आवेदनों की प्रगति की नियमित समीक्षा BLBC बैठकों में सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए अरुण कुमार एक्का, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अमित कुमार सिंह, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक गौरव कुमार, जिला विकास प्रबंधक प्रेम कुमार सहित जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के समन्वय पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

