पाकुड़ में विशेष राजस्व शिविर का निरीक्षण, 45 मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन।
अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने किया निरीक्षण, लाभुकों के बीच प्रमाणपत्र वितरित — चार दिवसीय शिविर से आमजनों को मिल रही राहत।

पाकुड़। जिले में राजस्व कार्यों के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निष्पादन के उद्देश्य से आयोजित चार दिवसीय विशेष राजस्व शिविर का शुभारंभ मंगलवार से हो गया। यह शिविर 28 अप्रैल, 29 अप्रैल, 30 अप्रैल एवं 02 मई 2026 तक जिले के सभी अंचल एवं हल्का स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजनों को एक ही स्थान पर विभिन्न राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
इसी क्रम में अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने अंचल कार्यालय पाकुड़ में आयोजित विशेष राजस्व शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में पहुंचे लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और शिविर के उद्देश्य व लाभों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है, लेकिन लोगों को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
अंचलाधिकारी अरविन्द कुमार बेदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में कुल 77 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 45 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। शेष 32 लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने का निर्देश अपर समाहर्ता द्वारा दिया गया है।
शिविर में दाखिल-खारिज, भूमि सीमांकन, पंजी-2 सुधार, आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र, ऑनलाइन लगान रसीद सहित विभिन्न राजस्व सेवाओं का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। इससे आमजनों को काफी सहूलियत मिल रही है।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने लाभुकों के बीच प्रमाणपत्रों का वितरण भी किया और कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरता से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि आमजनों को सरल, सुलभ और जवाबदेह सेवाएं प्रदान की जाएं, ताकि शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो सके।


