विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार को लेकर हुआ चिंतन-मंथन, बेहतर शिक्षण व्यवस्था पर जोर।
राजमहल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आयोजित विशेष बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, प्रभावी शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर हुई चर्चा।

राजमहल साहिबगंज। विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को राजमहल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के वंदना भवन में विशेष शैक्षणिक विचार-विमर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चिंतन-मंथन किया गया।
बैठक के दौरान शिक्षा के वर्तमान स्वरूप, शिक्षण पद्धति, शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं उनके व्यक्तित्व विकास पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने, शिक्षण कार्य में आने वाली चुनौतियों को समझने तथा उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय की पहचान केवल परीक्षा परिणामों से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में विकसित होने वाले ज्ञान, अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों और व्यवहार से भी होती है। इसलिए शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। इसके लिए शिक्षकों की सक्रिय भूमिका, नियमित शैक्षणिक गतिविधियां और प्रभावी शिक्षण पद्धतियां महत्वपूर्ण हैं।
इस अवसर पर साहिबगंज के विभाग प्रमुख रमेश उपस्थित रहे। बैठक में दो संकुलों के अंतर्गत आने वाले आठ विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी भाग लिया। इनमें राजमहल से मिथिलेश, बोरियो से योगेश, कोटालपोखर से जगजीत, बरहरवा से प्रमोद आजाद, उधवा से संजीव, लालमाटी से संतोष उपाध्याय, साहिबगंज से सुनील पंडित तथा जामनगर से सुरेश शाह शामिल रहे।
प्रधानाचार्यों ने अपने-अपने विद्यालयों में किए जा रहे शैक्षणिक प्रयासों एवं अनुभवों को साझा किया। साथ ही आपसी समन्वय, नियमित समीक्षा और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने की आवश्यकता बताई।
बैठक के अंत में सभी प्रधानाचार्यों ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण मजबूत बनाने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई।




