उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने बिरसा हरित ग्राम योजना का किया निरीक्षण।
खराब गुणवत्ता एवं लापरवाही पर जताई नाराजगी, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए सख्त निर्देश।

पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने गुरुवार को हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत बरमसिया पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना अंतर्गत आम बागवानी योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजनाओं की प्रगति, पौधारोपण की स्थिति, रखरखाव एवं कार्य की गुणवत्ता का गहन जायजा लिया तथा कई स्थानों पर पाई गई लापरवाही एवं खराब गुणवत्ता पर नाराजगी व्यक्त की।
उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाभुक बलीया राय की भूमि पर संचालित आम बागवानी योजना का निरीक्षण करते हुए ट्रेंच कटिंग एवं तालाब निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कार्य की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने स्पष्ट रूप से कहा कि मनरेगा अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पौधों के संरक्षण, नियमित देखभाल, सिंचाई व्यवस्था तथा जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को गंभीरता से करने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी सफल होगा जब लाभुकों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त हो।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने तेतुलिया डैम के समीप लाभुक लक्ष्मी देवी एवं मनोज यादव के बिरसा हरित ग्राम योजना का भी निरीक्षण किया। यहां पौधों की मोर्टालिटी अधिक पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि खराब गुणवत्ता वाले पौधों की आपूर्ति के कारण पौधों की क्षति हुई है।
इस पर उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि पौधों की क्षति की भरपाई संबंधित आपूर्तिकर्ता से कराई जाए तथा आपूर्तिकर्ता से कारण पृच्छा भी की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा निम्न गुणवत्ता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने तथा किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसलिए इसके क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, एई एवं जेई सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।



