200 महिला किसानों को मिला उद्यानिकी खेती का प्रशिक्षण।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों से आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ेंगी सखी मंडल की महिलाएं।

साहिबगंज। जिले की महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और उनकी आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला उद्यान कार्यालय, साहिबगंज की ओर से महत्वपूर्ण पहल की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 की उद्यान विकास योजना के तहत जेएसएलपीएस द्वारा चयनित सखी मंडल की 200 महिला किसानों के लिए आयोजित पांच दिवसीय उद्यानिकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
जिले के बोरियो, बरहड़वा, उधवा, साहिबगंज एवं मंडरो प्रखंड में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान महिला किसानों को उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर उत्पादन तथा स्वरोजगार के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। इसी क्रम में बोरियो प्रखंड के चासगामा पंचायत भवन में आयोजित प्रशिक्षण का समापन जिला उद्यान पदाधिकारी रविकांत रजक एवं पंचायत की मुखिया गोलमा सोरेन ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर जिला उद्यान पदाधिकारी ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिला किसानों के बीच प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी का खेतों में उपयोग कर महिलाएं कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित कर सकती हैं।
उन्होंने महिला किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी उद्यानिकी खेती के लिए प्रेरित करने की अपील की, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधन मजबूत हों और महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित 25 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी समापन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त किसानों के बीच प्रमाण-पत्र एवं कीट वितरित किए गए, ताकि वे सीखे गए तकनीकी ज्ञान और कौशल का उपयोग अपने कृषि कार्यों में कर सकें।

मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, उद्यान विभाग के प्रेम पासवान, बागवान मित्र राजेंद्र साह सहित सखी मंडल की दीदियां एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।




