जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर चार दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन का कार्यक्रम संपन्न।
सीएमएमएस पोर्टल, मानचित्रण प्रक्रिया और स्व-गणना पर विशेष जोर, चार्ज एवं सहायक चार्ज पदाधिकारियों को दिए गए तकनीकी और प्रशासनिक दिशा-निर्देश।

पाकुड़। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण जनसंख्या गणना के सफल संचालन को लेकर सूचना भवन स्थित सभागार में आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन का प्रशिक्षण 28 अक्टूबर को संपन्न हुआ। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी चार्ज पदाधिकारियों एवं सहायक चार्ज पदाधिकारियों को जनगणना से संबंधित प्रक्रियाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।
उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने जनगणना कार्यों में सटीकता, सतर्कता और बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही जिला एवं प्रखंड स्तर पर समन्वय स्थापित कर सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने की बात कही।

प्रशिक्षण के दौरान जनगणना निदेशालय, रांची से आए परामर्शक एवं जिला समन्वयक ने प्रतिभागियों को जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, कार्य संचालन की पद्धति तथा तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इस दौरान सीएमएमएस पोर्टल के उपयोग, मानचित्रण प्रक्रिया, स्व-गणना और अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इसके अलावा आंकड़ों की शुद्धता बनाए रखने, तकनीकी संसाधनों का समुचित उपयोग करने, निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने और जनगणना कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिला प्रशासन द्वारा जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए आवश्यक तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ प्रदान करना है, ताकि जनगणना का प्रत्येक चरण सुचारू, सटीक और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न किया जा सके।




