झारखंड

कृषि विस्तार उप-मिशन से किसानों को मिलेगी वैज्ञानिक खेती की नई दिशा, उत्पादन और आय बढ़ाने पर जोर।

तालझारी प्रखंड की करणपुरा पंचायत में किसानों को जागरूक करने की पहल तेज, कृषि विभाग और आत्मा के माध्यम से उन्नत कृषि तकनीकों, फसल सुरक्षा एवं सरकारी योजनाओं की दी जा रही जानकारी।

तालझारी साहिबगंज। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), साहिबगंज के अंतर्गत संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (SMAE) यानी कृषि विस्तार उप-मिशन के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत किसानों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत कृषि पद्धतियों, फसल सुरक्षा तथा सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

तालझारी प्रखंड की करणपुरा पंचायत में कृषि विभाग की ओर से किसानों को आधुनिक खेती के प्रति जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्य में प्रखंड के सहायक तकनीकी प्रबंधक आदर्श कुमार तथा पौधा संरक्षण केंद्र के प्रभारी ओम प्रकाश पंडित उर्फ बाबा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके माध्यम से किसानों को खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी देने और कृषि कार्यों में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कृषि विस्तार उप-मिशन का मुख्य उद्देश्य किसानों तक कृषि संबंधी नवीन तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। इसके अंतर्गत किसानों को उन्नत बीजों के चयन, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा फसल प्रबंधन की बेहतर विधियों से अवगत कराया जाता है। किसान प्रशिक्षण, गोष्ठी और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।वर्तमान समय में खेती की बढ़ती लागत, मौसम में बदलाव तथा कीटों और रोगों का प्रकोप किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इससे फसल की गुणवत्ता में सुधार, अनावश्यक खर्च में कमी और उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।

फसलों को कीटों और रोगों से बचाना भी कृषि विभाग की जागरूकता पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने, रोगों के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, कीटनाशकों एवं अन्य कृषि रसायनों का निर्धारित मात्रा और सुरक्षा निर्देशों के अनुसार उपयोग करने पर भी जोर दिया जाता है।

आत्मा और कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने पर भी बल दिया जा रहा है। सही जानकारी मिलने से किसान अपने लिए उपयोगी योजनाओं का लाभ लेने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और किसानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किसानों को उचित तकनीकी मार्गदर्शन मिल सके।

कृषि विभाग की ओर से किसानों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों, किसान गोष्ठियों और जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की गई है। वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने, फसलों की उचित देखभाल और आधुनिक तकनीकों को अपनाने से कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी एवं लाभकारी बनाया जा सकता है।

तालझारी प्रखंड की करणपुरा पंचायत में कृषि विस्तार उप-मिशन के माध्यम से किसानों को जागरूक करने की पहल ग्रामीण कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। किसानों की सक्रिय भागीदारी और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने, लागत नियंत्रित करने तथा उनकी आय में सुधार की संभावनाओं को बल मिल सकता है।

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