जन योजना अभियान के तहत पाकुड़ की सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित।
ग्राम विकास, रोजगार, जल संरक्षण और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सामूहिक संकल्प; जनभागीदारी से विकास योजनाओं को गति देने पर जोर।

पाकुड़। जन योजना अभियान सह रिफॉर्म उत्सव के अवसर पर पाकुड़ जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। विभिन्न पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं में पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों, महिला एवं स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहिया, शिक्षकों, युवाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विशेष ग्राम सभा में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), पंचायती राज व्यवस्था, पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के तहत स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाओं के चयन एवं प्राथमिकता निर्धारण पर चर्चा की गई। ग्रामीणों से गांव की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेकर उन्हें योजनाओं में शामिल करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की सामुदायिक निगरानी पर जोर दिया गया। वहीं, स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों के सर्वेक्षण, अभिलेख एवं संपत्ति कार्ड से संबंधित जानकारी भी दी गई।

ग्राम सभाओं में ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने तथा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई। पात्र महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने और जरूरतमंद परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
जल जीवन मिशन 2.0, हर घर जल, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और ओडीएफ प्लस की स्थिति की समीक्षा की गई। जल स्रोतों के रखरखाव, वर्षा जल संचयन, तालाब एवं कुओं के संरक्षण, रिचार्ज पिट निर्माण तथा जल संरचनाओं के पुनर्जीवन के लिए सामुदायिक भागीदारी से कार्य करने पर सहमति बनी।
ग्रामीणों को राशन कार्ड, खाद्यान्न वितरण, ई-केवाईसी और ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ से संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और उनकी शुद्धता को लेकर भी जागरूक किया गया। उपभोक्ता अधिकारों के तहत खरीदारी के समय बिल लेने तथा आभूषणों में हॉलमार्क और HUID की जांच करने की अपील की गई।

ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। महिलाओं, बच्चों एवं आम नागरिकों के कानूनी अधिकारों और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों, अभिभावकों, युवाओं, महिला समूहों एवं पंचायत कर्मियों ने संकल्प लिया कि गांव में किसी भी बालक-बालिका का बाल विवाह नहीं होने दिया जाएगा। संभावित बाल विवाह की सूचना तत्काल संबंधित पदाधिकारी को देने तथा बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।
इसी तरह ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। ग्रामीणों ने स्वयं नशे से दूर रहने और बच्चों एवं युवाओं को भी नशे से बचाने का संकल्प लिया।
ग्राम सभा के समापन पर ग्रामीणों ने अपने गांव को स्वच्छ, स्वस्थ, सुरक्षित, शिक्षित, नशामुक्त एवं बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। ग्राम सभा में निर्धारित एजेंडे, विकासात्मक निर्णयों तथा बाल विवाह मुक्त भारत एवं नशामुक्त भारत से जुड़े विशेष संकल्प सर्वसम्मति से पारित किए गए।

जन योजना अभियान के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजित विशेष ग्राम सभाओं को जनभागीदारी आधारित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में नई गति मिलने की उम्मीद है।




