जल जीवन मिशन की योजनाएं दिसंबर 2026 तक पूरी करने का निर्देश।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने लंबित कार्यों, एनओसी और जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की समीक्षा की; ‘जल जनभागीदारी अभियान’ को मिला अनुमोदन।

पाकुड़। समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-II के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रगति एवं लंबित कार्यों की समीक्षा को लेकर जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने, लंबित जलापूर्ति योजनाओं को समय पर पूरा करने तथा स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लंबित कार्यों, आवश्यक स्वीकृतियों तथा योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि एकल ग्राम जलापूर्ति योजनाओं के शेष कार्य दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण कर उनका विधिवत हैंडओवर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बहु-ग्राम जलापूर्ति योजनाओं के लंबित कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।
बैठक में वन विभाग, आरसीडी, एनएच, एनएचएआई, विद्युत विभाग एवं भूमि से संबंधित लंबित स्वीकृतियों और अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि स्वीकृति के अभाव में योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।

उन्होंने पूर्ण हो चुकी जलापूर्ति योजनाओं के नियमित संचालन एवं रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के गठन में तेजी लाने तथा जलापूर्ति के एवज में लिए जाने वाले यूजर चार्ज के संग्रह की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।
बैठक में 02 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले ‘जल जनभागीदारी अभियान’ को औपचारिक अनुमोदन दिया गया। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जलापूर्ति योजनाओं के सामुदायिक स्वामित्व एवं संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। अधिकारियों को अभियान में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-II के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुमोदन पर भी चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनों, वाहनों, प्लास्टिक बूथ, पीपीई किट सहित अन्य सामग्रियों की पारदर्शी खरीद के लिए दर निर्धारण समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव के लिए अनुभवी एजेंसी के चयन के उद्देश्य से ईओआई आमंत्रित करने हेतु ऑनलाइन टेंडर जारी करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

बैठक में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत जनजागरूकता एवं क्षमता संवर्धन से संबंधित गतिविधियों के लिए आईईसी एवं एचआरडी मद में व्यय की अनुमति दी गई। सामुदायिक स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सामुदायिक शौचालयों के निर्माण तथा ‘वेस्ट टू आर्ट पार्क’ की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
गोबरधन योजना के प्रभावी संचालन एवं विस्तार पर भी चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट के उचित प्रबंधन के साथ उससे ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन की सफलता केवल योजनाओं के निर्माण और पूरा होने तक सीमित नहीं है। योजनाओं का नियमित संचालन, रखरखाव और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा ग्रामीणों को योजनाओं के संरक्षण और रखरखाव के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक आईटीडीए, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।



