उप विकास आयुक्त ने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा की, आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाएं और पोषण ट्रैकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।
62 निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों के निरीक्षण का आदेश, AAPAR ID एवं पीएम मातृ वंदना योजना की प्रगति पर जताई नाराजगी।

पाकुड़। जिला समाज कल्याण कार्यालय, पाकुड़ में गुरुवार को उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, पोषण कार्यक्रमों, आधारभूत संरचना विकास, लाभुकों के पंजीकरण तथा केंद्रों के प्रभावी संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों की एजेंडावार समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल, शौचालय, विद्युत कनेक्शन एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले के सभी सरकारी आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध विद्युत, पेयजल एवं शौचालय सुविधाओं की अद्यतन सूची शनिवार शाम तक उपलब्ध कराने को कहा।
मनरेगा अभिसरण योजना के तहत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र भवनों की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि जिन भवनों का निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां तत्काल कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने पर जोर दिया।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पड़े सेविका एवं सहायिका पदों की भी समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने चयन प्रक्रिया में तेजी लाने और जल्द से जल्द नियुक्तियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि केंद्रों का संचालन सुचारू रूप से हो सके और लाभुकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
पोषण ट्रैकर ऐप की समीक्षा के दौरान लाभुकों की शत-प्रतिशत एफआरएस (FRS) एंट्री सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। कम उपलब्धि वाले परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए लक्ष्य की पूर्ण प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही संबंधित कर्मियों को नियमित रूप से डेटा अपडेट करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी गई।
उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में हर महीने कम से कम दो सामुदायिक आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और उनकी प्रविष्टि पोषण ट्रैकर ऐप में अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी से पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचेगा।

AAPAR ID निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान इसकी प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर उप विकास आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आधार निर्माण कार्य के साथ-साथ AAPAR ID निर्माण में तेजी लाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को न्यूनतम पांच लाभुकों की प्रविष्टि सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया। साथ ही लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कर पेंडेंसी को शून्य करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिले के 62 निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा पूर्ण हो चुके भवनों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता का आकलन किया जा सके।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को जवाबदेही, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


