पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना की जिला स्तरीय स्टेयरिंग-सह-निगरानी समिति की बैठक आयोजित।
बच्चों की उपस्थिति, नामांकन, स्वास्थ्य जांच, आईएफए गोली सेवन एवं आधार प्रमाणीकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के दिए गए निर्देश।

साहिबगंज। पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय स्टेयरिंग-सह-निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के विभिन्न घटकों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए आवश्यक एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में विशेष रूप से विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, नामांकन, स्वास्थ्य परीक्षण, आईएफए गोली सेवन, आधार की उपलब्धता एवं प्रमाणीकरण तथा विद्यालयों में संचालित पोषण वाटिकाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। समिति ने योजना के सभी घटकों की नियमित निगरानी करते हुए कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया।
विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जुलाई 2026 में पीएम पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों में बच्चों की औसत उपस्थिति 69.59 प्रतिशत रही। वहीं जून 2026 में बच्चों की औसत उपस्थिति 68.52 प्रतिशत थी। इस प्रकार जुलाई माह में बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि दर्ज की गई। राज्य स्तर पर जिले की स्थिति 22वें स्थान पर रही।
बैठक में बच्चों की उपस्थिति में और अधिक वृद्धि करने के लिए विद्यालय स्तर पर आवश्यक कदम उठाने तथा अभिभावकों से समन्वय स्थापित कर बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
नामांकन की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि मार्च 2026 में बाल वाटिका, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर कुल 2,14,366 बच्चों का नामांकन था, जो जुलाई 2026 में घटकर 2,08,290 रह गया। इस प्रकार कुल 6,076 बच्चों के नामांकन में कमी पाई गई।

समिति ने नामांकन में कमी के कारणों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालयवार स्थिति का आकलन करने तथा छूटे हुए बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालय में नामांकन एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की समीक्षा में बताया गया कि जुलाई 2026 में कुल 2,08,290 नामांकित बच्चों में से 50,231 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जो कुल नामांकित बच्चों का 24.12 प्रतिशत है।
बैठक में शेष बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराने तथा मार्च 2027 तक सभी नामांकित बच्चों की शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य जांच में कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
आईएफए गोली सेवन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जुलाई 2026 में कुल 2,08,290 नामांकित बच्चों में से 1,36,896 बच्चों ने आईएफए गोली का सेवन किया, जो कुल का 65.72 प्रतिशत है।
बैठक में कम उपलब्धि वाले प्रखंडों में विशेष अभियान चलाने तथा बच्चों को नियमित रूप से आईएफए गोली का सेवन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालय स्तर पर इसकी नियमित निगरानी करने को कहा गया।
बैठक में बच्चों के आधार की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में कुल 2,08,290 नामांकित बच्चों में से 2,00,507 बच्चों के आधार उपलब्ध हैं, जो 96.31 प्रतिशत है। वहीं 1,69,112 बच्चों का आधार प्रमाणीकरण किया जा चुका है, जो 81.23 प्रतिशत है।

समिति ने कम आधार प्रमाणीकरण वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने तथा शेष बच्चों का आधार प्रमाणीकरण शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। शत-प्रतिशत आधार प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया।
विद्यालयों में पोषण वाटिका की स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के कुल 1,280 विद्यालयों में से 1,234 विद्यालयों में पोषण वाटिका संचालित है, जो 96.40 प्रतिशत है।
समिति ने शेष 46 विद्यालयों में भी पोषण वाटिका स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। विद्यालयों में पोषण वाटिका के माध्यम से बच्चों को पोषण एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य संसाधनों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में पुनः खोले गए 28 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन पकाने एवं परोसने के लिए आवश्यक बर्तनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालयों में भोजन व्यवस्था से जुड़ी आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही बच्चों को भोजन ग्रहण करने के दौरान सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयों में बैठने के लिए पटिया आसन की व्यवस्था किए जाने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए DMFT, CSR, United Fund अथवा अन्य उपलब्ध मदों से आवश्यक व्यवस्था करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
समिति ने पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के सभी घटकों की नियमित एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। बैठक में कहा गया कि बच्चों की उपस्थिति एवं नामांकन में वृद्धि, स्वास्थ्य जांच, आईएफए गोली सेवन, आधार प्रमाणीकरण तथा पोषण वाटिका के निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ परिणामोन्मुखी कार्रवाई करनी होगी।
बैठक में कम उपलब्धि वाले प्रखंडों एवं विद्यालयों की विशेष रूप से समीक्षा कर वहां सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक उर्मिला हांसदा सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।



