राजमहल में विकास योजनाओं की समीक्षा पर डीडीसी सख्त, लापरवाही पर रोजगार सेवकों को फटकार।
जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना का किया स्थलीय निरीक्षण, पंचायतवार योजनाओं की समीक्षा कर समयबद्ध पूर्णता का दिया निर्देश।

राजमहल साहिबगंज। जिले के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सतीश चंद्रा ने बुधवार को राजमहल प्रखंड का दौरा कर विभिन्न विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीडीसी ने सबसे पहले पूर्वी जामनगर पंचायत में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से संचालित जल जीवन मिशन योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा मौके पर कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि योजना के कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

स्थलीय निरीक्षण के क्रम में डीडीसी सतीश चंद्रा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के विभिन्न लाभुकों से मुलाकात कर उनके आवास निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने लाभुकों से बातचीत कर निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
डीडीसी ने लाभुकों को आवास निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इसे जल्द से जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवास योजना के लंबित मामलों का नियमित रूप से अनुश्रवण किया जाए तथा लाभुकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक आवासों को पूर्ण कराया जा सके।
इसके बाद डीडीसी ने राजमहल प्रखंड कार्यालय में आवास योजना एवं VB-GRAMG योजना की पंचायतवार समीक्षा की। बैठक में पंचायत स्तर पर योजनाओं की प्रगति, श्रम नियोजन, ई-केवाईसी, मजदूरी भुगतान, सामग्री भुगतान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान डीडीसी ने पंचायतवार प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों एवं कर्मियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए क्षेत्र स्तर पर नियमित निगरानी और अनुश्रवण जरूरी है।
VB-GRAMG योजना की समीक्षा के दौरान कुछ पंचायतों में लेबर एंगेजमेंट कम पाए जाने पर डीडीसी सतीश चंद्रा ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्राणपुर, तेतुलिया एवं सैदपुर पंचायत के ग्राम रोजगार सेवकों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार से जोड़ा जाना चाहिए। श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी ग्राम रोजगार सेवकों को अपने-अपने पंचायतों में योजनाओं की प्रगति बढ़ाने, अधिक से अधिक श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों को तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया।
डीडीसी ने ई-केवाईसी, मजदूरी भुगतान एवं सामग्री भुगतान में भी अपेक्षित प्रगति लाने को कहा। उन्होंने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि भुगतान से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और पात्र लाभुकों एवं श्रमिकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले।

आवास योजना की समीक्षा के दौरान घाटजमनी, पश्चिम नारायणपुर, गुणिहारी एवं तेतुलिया पंचायत में आवास पूर्णता की अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर डीडीसी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित आवास प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पंचायतवार कार्ययोजना तैयार कर लंबित आवासों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
उन्होंने कहा कि आवास योजना के लाभुकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिन आवासों का निर्माण किसी कारणवश लंबित है, वहां समस्या की पहचान कर उसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करने, आवास निर्माण की प्रगति का स्थल पर सत्यापन करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया।
डीडीसी सतीश चंद्रा ने कहा कि सरकार की विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही से ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ मिलने में देरी होती है। इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं में तेजी लाएं और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें।

उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करने तथा कागजी प्रगति के बजाय धरातल पर परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
डीडीसी के निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान कार्यपालक अभियंता शशि सिंह, आवास जिला समन्वयक सुमित चौबे, बीपीओ श्वेता, गगन बापू, सहायक अभियंता विकास कुमार, आवास के एसीओ रविकांत रवि, मो. एहसानुल जमील, कुलदीप कुमार, दीपनारायण मंडल, बिनोद मंडल, भैया बेसरा सहित सभी जनसेवक, ग्राम रोजगार सेवक, बीएफटी एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।




