फर्जी दस्तावेज से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई, 4 अपात्र व्यक्तियों समेत CSC संचालक पर प्राथमिकी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बरहरवा और उधवा प्रखंड में किया भौतिक निरीक्षण, संदिग्ध मामलों की गहन जांच के दिए निर्देश।

साहिबगंज। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान प्राप्त शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार शनिवार को साहिबगंज पहुंचे। उन्होंने जिले में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की जमीनी स्तर पर भौतिक जांच की। इस दौरान उन्होंने पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरहरवा प्रखंड तथा उधवा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों से मतदाता सूची से संबंधित मामलों की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विशेष रूप से बरहरवा प्रखंड क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के प्रयास से जुड़े मामलों की स्थल जांच की। उन्होंने चिह्नित संदिग्ध व्यक्तियों के घर पहुंचकर स्वयं उनके निवास, उपलब्ध अभिलेखों तथा मतदाता सूची में पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी प्राप्त करते हुए जांच प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की।
जांच के दौरान बरहरवा प्रखंड के आहुत ग्राम से जुड़े मामले में चार ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित किया गया, जिनके द्वारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए कथित रूप से फर्जी आवासीय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि इन व्यक्तियों को कथित तौर पर एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालक द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध कराए गए थे।मामले की जांच के बाद फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर अवैध रूप से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का प्रयास करने वाले चार अपात्र व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं, फर्जी दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध कराने के आरोप में संबंधित कॉमन सर्विस सेंटर संचालक के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
स्थल निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मतदाता सूची से संबंधित प्रत्येक संदिग्ध एवं गंभीर शिकायत की निष्पक्ष, तथ्यपरक और गहन जांच की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन किया जाए और उपलब्ध अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि जांच के दौरान यह प्रमाणित होता है कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर गलत अथवा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया है, तो उसके विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उपलब्ध कराने या इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अपने निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान बरहरवा प्रखंड के बेलपहाड़ी तथा उधवा प्रखंड के पश्चिमी प्राणपुर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित कार्यों की स्थिति का जायजा लिया तथा स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों एवं उनके निष्पादन की जानकारी अधिकारियों से ली।उन्होंने संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान प्राप्त दावों, आपत्तियों और शिकायतों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए और प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लिया जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र अथवा विदेशी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए मतदाता सूची का सही एवं अद्यतन होना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनकी तथ्यपरक एवं निष्पक्ष जांच की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास करने वालों तथा इस कार्य में सहयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में दस्तावेजों और संबंधित अभिलेखों का बारीकी से सत्यापन करें तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया, प्राप्त शिकायतों, दस्तावेजों के सत्यापन तथा अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिकों का नाम सुनिश्चित करना और अपात्र नामों को नियमानुसार हटाना निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त दीपक कुमार दूबे सहित संबंधित सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



