108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का आंदोलन तेज, 16 अक्टूबर को राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान।
जुलाई 2026 से लंबित वेतन भुगतान और बर्खास्त कर्मियों की बहाली समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन, 15 अक्टूबर की रात से सेवा बाधित होने की आशंका।

साहिबगंज। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध के आह्वान पर 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन जारी है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को राज्य के सभी जिलों में कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
संघ के जिला उपाध्यक्ष रोहित रंजन ने बताया कि कर्मचारियों का जुलाई 2026 से वेतन लंबित है। इसके अलावा मनमाने ढंग से वेतन कटौती, एम्बुलेंस की समय पर मरम्मत नहीं होने और सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली नहीं होने से कर्मियों को आर्थिक एवं व्यावसायिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ की प्रमुख मांगों में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से कराने, बर्खास्त कर्मचारियों की पुनर्बहाली, लंबित वेतन का भुगतान तथा श्रमिकों के सभी वैधानिक अधिकारों को लागू करना शामिल है।

रोहित रंजन के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 15 से 20 दिनों का समय दिया गया था। हालांकि, निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, एम्बुलेंस सेवा के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने के निर्देश पर भी संघ ने आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किए बिना वैकल्पिक व्यवस्था करना उनके हितों की अनदेखी है।
संघ ने सम्मान फाउंडेशन कंपनी और स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजकर 16 अक्टूबर को एकदिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की सूचना दी है। संघ के मुताबिक, 15 अक्टूबर की रात 8 बजे से 17 अक्टूबर की सुबह 8 बजे तक राज्य में 108 एम्बुलेंस सेवा बाधित रहने की आशंका है।

संघ ने सरकार और संबंधित विभाग से हड़ताल से पहले कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने तथा लंबित वेतन भुगतान, बर्खास्त कर्मियों की बहाली और अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील की है। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें लागू किए जाने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।




